फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिल्ला एलिवेटेड रोड: कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी अड़चनें हजार

विज्ञापन
विज्ञापन
चिल्ला एलिवेटेड : कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी अड़चनें हजार
विज्ञापन

- परियोजना का बजट घटा तो काम पर पड़ सकता है असर, सेतु निगम 912 करोड़ से कम में काम करने पर नहीं था राजी
- टेंडर प्रक्रिया अपनाने के मिल रहे संकेत, 787 करोड़ में काम निपटाने की योजना
नंबर
74 करोड़ पहले ही हो चुके हैं खर्च

सुशील पांडेय
नोएडा। सेक्टर-14 चिल्ला रेगुलेटर से महामाया फ्लाईओवर तक 5.96 किमी लंबे छह लेन के निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड को यूपी कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी अड़चनें कम नहीं हुई हैं। कैबिनेट की मंजूरी में एलिवेटेड रोड का बजट करीब 787 करोड़ तक सीमित कर दिया गया है। ऐसे में पुरानी एजेंसी के काम करने पर संशय बरकरार है। अगर परियोजना का टेंडर दोबारा निकाला जाता है तो मामला और पेचीदा हो सकता है।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण और यूपी शासन के बीच इस परियोजना का एमओयू साइन किया गया था। शुरुआत में इसकी अनुमानित लागत 650 करोड़ तय हुई थी। बाद में इसे घटाकर 605 करोड़ कर दिया गया। कोरोना काल के बाद कार्यदायी संस्था सेतु निगम की ओर से इसकी निर्माण लागत करीब 1100 करोड़ रुपये आंकी गई। इस बाबत नोएडा प्राधिकरण से बातचीत भी की गई। लेकिन प्राधिकरण इस बजट के लिए राजी नहीं हुआ। प्राधिकरण की ओर से बढ़ाए गए बजट पर काम करने की मंजूरी नहीं दी गई। बाद में इसका बजट कम कर करीब 912 करोड़ किया गया।
विज्ञापन

हालांकि यहां भी सेतु निगम को सफलता नहीं मिली। प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए खुद से ही बजट का आकलन कराकर 801 करोड़ के अनुमानित लागत को मंजूरी दी गई। बाद में आईआईटी से भी इसकी समीक्षा कराई गई। आईआईटी ने भी इस बजट में परियोजना का काम पूरा होने की उम्मीद जताई।

यहां फंस सकता है मामला
सूत्रों की मानें तो कैबिनेट से मंजूर हुए 787 करोड़ के बजट पर काम करने से सेतु निगम मना भी कर सकता है। अगर इस तरह की बात सामने आती है तो फिर से इसका टेंडर जारी होगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि फिजिकल प्लान में किसी तरह का संशोधन नहीं किया गया है। यानी पहले दिन से जो योजना बनाई गई थी। उसी योजना के अनुसार निर्माण कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन


काम शुरू होने पर 42 महीने में होगा तैयार
प्राधिकरण के सूत्रों का कहना है कि अगर चिल्ला एलिवेटेड का काम शुरू हो जाता है तो इसके बनने में 42 माह लेंगे। वर्ष 2019 से लेकर अभी तक केवल 13 प्रतिशत काम हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें