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Noida News: नामी ब्रांड का सीमेंट सस्ते में दिलाने के नाम पर ठगा

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देशभर के लोगों को ठग रहे सरगना सहित दो आरोपी बिहार से गिरफ्तार
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1.01 करोड़ रुपये आरोपियों से बरामद किए
57.50 लाख कारोबारी से सितंबर में ठगे थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
देशभर के कई लोगों को नामी कंपनी का सीमेंट सस्ते में दिलाने का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह के दो बदमाशों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नवादा, बिहार से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान बिहार निवासी चंदन कुमार भुइयान (25) और गोपाल उर्फ सत्यम (23) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.01 करोड़ रुपये के अलावा वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन, सिमकार्ड, एटीएम व भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों ने दक्षिण दिल्ली के एक आरोपी से 57.50 लाख रुपये की ठगी की थी। जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने देशभर के कई कारोबारियों को सस्ता सीमेंट दिलाने के नाम पर ठगा है। गिरोह सरगना चंदन दसवीं फेल है जबकि गोपाल नवादा के कॉलेज से बीएससी कर रहा है।
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अपराध शाखा के विशेष आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि दक्षिण दिल्ली निवासी जुगल किशोर जैन ने 22 सितंबर को अपराध शाखा को 57.50 लाख ठगने की शिकायत की थी। पीड़ित ने बताया कि उसके मोबाइल पर अल्ट्राटेक कंपनी के नाम से मैसेज आया हुआ था। इसमें दावा किया गया था कि यदि वे सीमेंट के 2000 बैग खरीदते हैं तो सिर्फ 300 रुपये प्रति बैग रकम चुकानी होगी।पीड़ित ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो ठगों ने खुद को कंपनी का सीनियर सेल्स मैनेजर शंकर पुरोहित बताया। इसके बाद पीड़ित की लगातार व्हाट्सएप कॉल पर आरोपी से बातचीत होने लगी। आरोपी के कहने पर जुगल 4000 बैग खरीदने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद बताए गए खाते में उन्होंने 12 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद दीपावली ऑफर के नाम पर पीड़ित को 10 हजार बैग खरीदने के लिए तैयार किया गया। पीड़ित को 270 रुपये प्रति बैग सीमेंट देने का झांसा दिया गया। आरोपियों के कहने पर पीड़ित ने 27 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद दोबारा पीड़ित को जम्मू एवं कश्मीर का वितरक बनाने के नाम पर 18.50 लाख रुपये लिए गए। पीड़ित ने आरोपियों को कुल 57.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए। ठगी का अहसास होने पर शिकायत की गई।
छानबीन के लिए इंस्पेक्टर अरुण सिंधू, केके शर्मा व अन्यों की टीम का गठन किया गया। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर बिहार के नवादा और नालंदा में छापे मारे। यहां से चंदन और और गोपाल को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के पास से एक करोड़ रुपये और बाकी सामान बरामद हुआ। गोपाल का काम सिमकार्ड, ठगी की रकम मंगाने के लिए बैंक खातों का इंतजाम करने का था।ठगी की रकम को भी गोपाल निकालता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बिहार की अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली भेज दिया गया।
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दसवीं फेल सरगना पहले करता था मजदूरी
दसंवी फेल चंदन की डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। उसकी कुछ माह की एक बेटी है। शुरुआत में उसने धनबाद में कोयले की खदान में मजदूरी की थी। यहां सादिक के संपर्क में आकर उसने ठगी के गुर सिखाए। आरोपी गूगल की मदद से ऐसे लोगों का डाटा इकट्ठा कर मैसेज भेजता था, जिन्हें सीमेंट की जरूरत होती थी।
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