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Noida News: गूगल पर अपना नंबर डालकर ठगी, ओडिशा से गिरफ्तार

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खुद को मोबीक्विक और पेटीएम का कस्टमर केयर अधिकारी बताते थे
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व्हाट्सएप पर भेजा जाता था लिंक, इसके बाद खाते खाली कर दिए जाते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यदि आप गूगल की मदद से किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर ढूंढते हैं तो जरा सावधान हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि कंपनी का नंबर ढूंढते-ढूंढते आप ठगों के जाल में फंस जाएं। द्वारका जिला के साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे ही गैंग के सदस्य को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान दिलीप कुमार जेना (23) के रूप में हुई है। आरोपियों ने गूगल पर मोबीक्विक और पेटीएम का फर्जी कस्टमर केयर नंबर डाला हुआ था। कोई भी गूगल की मदद से इनका नंबर ढूंढता तो आरोपियों का नंबर मिलता। जैसे ही पीड़ित कॉल करते तो आरोपी खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर विश्वास में लेकर व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर रकम उड़ा लेते थे।
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द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन ने बताया कि 12 अप्रैल को द्वारका साइबर थाने में शिकायत मिली थी। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 11 अप्रैल को मोबीक्विक का कस्टमर केयर नंबर गूगल की मदद से लिया था। वहां कॉल करने पर आरोपियों ने एक लिंक भेजा। बाद में उनके दो बैंक खातों से दो लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी। एक लाख रुपये एचडीएफसी बैंक में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने उस खाते की जानकारी जुटाई तो पता चला कि खाता ओडिशा में किसी दिलीप कुमार का है। एक टीम को तुरंत बालेश्वर जिला, ओडिशा भेजकर दिलीप को दबोच लिया गया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद किया गया। दिलीप ने बताया कि वह निरंजन नेता उर्फ मुन्ना के साथ मिलकर ठगी कर रहा था। गैंग में बाकी लोग भी हैं। ठगी वह करते हैं, रकम को इनके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता था। ठगी की रकम आधी इन दोनों की होती है, बाकी रकम दूसरे लोगों को दी जाती है। पुलिस ने दिलीप को ओडिशा के कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया।
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