अदालत ने कहा पेश साक्ष्यों व दस्तावेज के आधार पर मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य
कोर्ट ने एक को किया बरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान एक कार शोरूम में कथित रूप से लूटपाट और आग लगाने के आरोप में 49 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। अदालत ने कहा, पेश साक्ष्यों व दस्तावेज के आधार पर सभी आरोपियों पर मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य है। वहीं, अदालत ने एक अन्य आरोपी को आरोप मुक्त करते हुए कहा कि उसके खिलाफ साक्ष्य नहीं है।
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने आरोपी रफत, इमरान, दिलदार, फ़राज़, अयूब, सलीम मलिक, सलीम खान आरिफ, मोहम्मद , मंसूर, शाहनवाज, सादिक, शादाब, इरशाद अली, मंसूर, काशिफ, वासिफ, शमीम, खालिद, सलमान, शिबू खान, हामिद, जुबेर आलम, अतहर खान, शकील अहमद, जान मोहम्मद, आसिफ जावेद, साकिब, उबेश, बब्लू, गुलजार, इरफान, दिलदार, इमरान, असरार, सिराज अहमद, मो. अहसान, फिरोज, शरीफ, फैजान, अकील, मो. शाकिर, मो. नदीम, अब्दुल रजाक, जाकिर मलिक, ताजुद्दीन, हसीन अहमद, साबिर और सुहैल सुल्तान के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
अदालत ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (दंगा), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा), 427 (शरारत), 435 (आग से उत्पात), 450 (घर में अतिक्रमण), 149 (गैरकानूनी सभा) और 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा) के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोप तय किए गए हैं। वहीं, अदालत ने एक आरोपी मोहम्मद को आरोपमुक्त कर दिया।
फेयर डील मारुति कार शोरूम के महाप्रबंधक राजेश सिंह की लिखित शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भीड़ ने शोरूम में विभिन्न वस्तुओं को आग लगा दी, जिससे उन्हें 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आरोप तय करते समय अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि सभी आरोपी एक गैरकानूनी सभा का हिस्सा थे, जो हिंसा करने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से आए थे।