इच्छा मृत्यु मामले में पुलिस महानिदेशक को कार्रवाई के निर्देश
ग्रेटर नोएडा। छह वर्ष पहले स्वयं की मौत का स्वांग रचने वाले आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र मोहन शर्मा ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने या इच्छा मृत्यु देेने की मांग की थी। राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लेकर एक पत्र उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रेषित किया है। चंद्रमोहन पिछले पांच वर्षों से जिला गौतमबुद्ध नगर की लुक्सर जेल में बंद है। अनु सचिव मुख्यमंत्री अरविंद मोहन ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई कर अवगत कराने को कहा है। एक मई 2014 को चंद्र मोहन की कार पूरी तरह से जली हुई मिली थी। कार में एक व्यक्ति के शरीर के कुछ अंश भी मिले थे। पहले लगा था कि कार में जलकर चंद्र मोहन की मौत हुई है। कई माह बाद पुलिस ने चंद्र मोहन व उसकी प्रेमिका को बंगलूरू से गिरफ्तार कर लिया था। जांच में पता चला था कि चंद्र मोहन ने साजिश रचकर कार में एक भिखारी को जला दिया था। लंबे समय तक मामले की सुनवाई के बाद 28 सितंबर 2019 को जिला न्यायालय ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई थी। चंद्र मोहन ने आरोप लगाया था कि गलत तथ्यों के आधार पर उसे सजा दी गई है।