ग्रेटर नोएडा। प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक विचारक दार्शनिक आचार्य प्रशांत ने लोगों से होली को उत्सव की तरह मनाने की अपील की है। ग्रेनो में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने भगवद्गीता को उद्धृत करते हुए कहा कि होली परंपरागत रूप से रंगों का पर्व कहलाती है लेकिन रंगों की आड़ में बदतमीजी, मस्ती के नाम पर अभद्रता और नशे की बेहिसाब छूट का परंपरा से कोई रिश्ता नहीं। उन्होंने कहा कि इस मौके पर नशा, मांसाहार से बचना होगा। ब्यूरो