नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले हाईस्पीड मेट्रो का निर्माण कार्य किया जाएगा। शासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 14 जून को लखनऊ में बैठक बुलाई गई है। जिसमें नागरिक विमानन मंत्रालय, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास विभाग, मेट्रो रेल कारपोरेशन, यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड एवं एनसीआर ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के अधिकारी शामिल होंगे। हाईस्पीड मेट्रो नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे से जोड़ेगा। पहले दोनों हवाई अड्डों के बीच 12 स्टेशन प्रस्तावित थे। जिनकी संख्या घटाकर छह कर दी गई है। इससे दोनों एयरपोर्ट के बीच की दूरी 40 मिनट में तय की जा सकेगी।
नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण का लगभग एक चौथाई कार्य पूरा हो चुका है। अक्तूबर 2024 तक यहां एक रनवे से हवाई उड़ान शुरू करने की तैयारी है। वहीं प्रदेश सरकार चाहती है कि इससे पहले एयरपोर्ट से आईजीआई तक हाईस्पीड मेट्रो शुरू कर दी जाए। इसके लिए यमुना प्राधिकरण की ओर डीपीआर बनवाई जा चुकी है। डीपीआर बनवाने के लिए डीएमआरसी को 1.87 करोड़ रुपये जारी भी कर चुका है। जिसमें जेवर एयरपोर्ट को इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक 72.94 किमी का कॉरिडोर प्रस्तावित है। पहले चरण में जेवर से नॉलेज पार्क दो तक मेट्रो का निर्माण किए जारा है। वहीं दूसरे चरण में ग्रेनो के नॉलेज पार्क-2 से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आईजीआई तक कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है। मगर दोनों ही कॉरिडोर एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले बनाए जाने हैं। पहले इस कॉरिडोर पर 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने थे लेकिन अब 6 पर ही सहमति बनी है। इस रूट पर करीब सवा करोड़ यात्रियों के मिलने के अनुमान है।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट से नॉलेज पार्क-दो तक मेट्रो की डीपीआर बनने के बाद अब ग्रेनो के नॉलेज पार्क-दो से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक मेट्रो ट्रैक की डीपीआर बनाने के लिए डीएमआरसी को 1.87 करोड़ रुपये दिए हैं। इस रूट पर यमुना प्राधिकरण 37.5 किमी का कॉरिडोर बनाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन इसकी डीपीआर भी लगभग तैयार है। इस पर करीब 7630 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इससे करीब 40 मिनट में सफर तय होगा।