डायरिया के बढ़ने लगे मामले, अस्पतालों में बेड होंगे आरक्षित
-जिला अस्पताल, चाइल्ड पीजीआई व स्वास्थ्य केंद्रों में की जा रही तैयारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कोरोना से राहत के बाद अब डायरिया ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से मरीज सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ते देख डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों के लिए जिला अस्पताल, चाइल्ड पीजीआई साहित स्वास्थ्य केंद्रों में बेड आरक्षित किए जाएंगे।
उल्टी, दस्त, पेट दर्द से कराह रहे मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल ओपीडी से दवा लिखकर मरीजों को भेजा जा रहा है। गंभीर स्थिति में आ रहे मरीजों की संख्या कम है, लेकिन एहतियात बरतते हुए डायरिया मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार कराया जा रहा है। डायरिया पीड़ित मरीजों में बच्चों की संख्या भी ज्यादा मिल रही है। ऐसे में विशेष इंतजाम करने के निर्देश चाइल्ड पीजीआई प्रशासन ने अस्पताल के अधिकारियों को दिए हैं। गर्मी व उमस के चलते लोग पेट दर्द, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों से ग्रस्त हैं। इस तरह के दस से अधिक मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार लापरवाही बरतना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। खासकर महिलाओं और बच्चों को इस मौसम में होशियार रहना होगा। खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
इन लक्षणों से रहिए होशियार
-पेट में मरोड़ और दर्द होना।
-लगातार उल्टी और दस्त होना।
- एसिडिटी से परेशानी बढऩा।
- खाने की इच्छा नहीं होना।
- गले और सीने में जलन होना।
ऐसे होगा डायरिया से बचाव
-ओआरएस का पैकेट पानी में घोलकर मरीज को पिलाएं।
- बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी दवा न खाएं।
- बाजार में बिकने वाली खुली व तली चीजों का उपयोग न करें।
-पेयजल को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय उसे उबालकर और छानकर पिएं।