मैनपुरी। तत्कालीन डीएम की फर्जी अनुमति और हस्ताक्षर मामले में घिरोर पुलिस ने आरोपी दंपती सहित तीन लोगों पर केस दर्ज किया है। मुख्यमंत्री से की गई शिकायत पर हुई जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था, घिरोर पुलिस जांच में जुट गई है।थाना घिरोर क्षेत्र के गांव नगला पुनू निवासी संजीव मिश्रा ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा था, इसमें कहा था एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति की जमीन को बिना अनुमति के बैनामा करा लिया गया है, जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। मामले में सीएम कार्यालय से मिले निर्देश पर डीएम ने जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि अरवेश कुमार यादव उर्फ मौला निवासी नगला मंगली ने पत्नी संगीता देवी के नाम अनुसूचित जाति के वीरेंद्र सिंह को वीरेंद्र पाल दर्शाकर ढाई बीघा जमीन का बैनामा फर्जी दस्तावेजों से कराया है। उक्त जमीन संगीता देवी के नाम दाखिल खारिज भी करा ली गई। एसडीएम न्यायालय में वाद के दौरान अरवेश ने पत्नी संगीता ने कूटरचित तरीके से तत्कालीन जिलाधिकारी मैनपुरी की फर्जी परमीशन जिस पर सभी हस्ताक्षर फर्जी बनाकर दाखिल कर दी थी, वह जांच में फर्जी पाई गई थी। घिरोर पुलिस ने अरवेश यादव, संगीता निवासी नगला मंगली हाल निवासी मोहल्ला बागवान सदर कोतवाली व वीरेंद्र सिंह निवासी नगला पुनू के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।