लॉकर से ज्वेलरी गायब होने में बैंक मैनेजर समेत तीन पर केस
- सेक्टर-18 स्थित एसबीआई के लॉकर से गायब हो गई थी ज्वेलरी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेक्टर-18 ब्रांच के लॉकर से लाखों की ज्वेलरी गायब होने के मामले में बैंक मैनेजर सुशील कुमार, रिकॉर्ड कीपर पंकज कुमार और पूर्व बैंक मैनेजर सुनीता अस्थान पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर रही कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने बैंक कर्मियों से भी पूछताछ की है। पुलिस की ओर से बैंक से इस मामले में जानकारी मांगी गई है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी निवासी पारुल खरे ने कहा कि एसबीआई के सेक्टर-18 ब्रांच में उन्होंने लॉकर लिया था। इसमें करीब 80 लाख से अधिक की ज्वेलरी रखी थी। इसी सोमवार को वह करीब एक साल के बाद लॉकर देखने आई थीं। जब उन्होंने अपनी चाबी से लॉकर खोला तब लॉकर नहीं खुला। इसके बाद बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में लॉकर को तुड़वाया गया। जिसमें लॉकर खाली मिली। उसमें रखी सारी ज्वेलरी गायब थी। इस मामले में बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई गई थी।
पीड़िता पारुल खरे ने कहा कि इस मामले में बैंक प्रबंधन और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। वहीं नोएडा के अपर पुलिस उपायुक्त मनीष मिश्रा के मुताकिब पुलिस इस प्रकरण की जांच कर रही है। तथ्यों के संकलन के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
वार्षिक किराये का 100 गुना भुगतान करने को बाध्य हैं बैंक
बैंक लॉकर के नए नियमों के मुताबिक बैंक लॉकर में ग्राहक सिर्फ ज्वेलरी, जरूरी दस्तावेज और कानूनी तौर पर वैध सामान ही रख सकेंगे। आरबीआई ने अपने नए नियमों में स्पष्ट किया है कि बैंक लॉकर में रखे ग्राहकों के सामानों को कोई नुकसान पहुंचता है तो बैंक ग्राहक को लॉकर के वार्षिक किराये का 100 गुना भुगतान करने के लिए बाध्य होगा। आग, लूट या चोरी होने पर भी बैंक को भरपाई करना होगा। क्योंकि ऐसी घटनाओं को बैंकों की लापरवाही मानी गई है।