जिम्स में मेहमाननवाजी के आरोप का मामला.....
सुरक्षा में लापरवाह पुलिसकर्मी स्पष्टीकरण देने में भी लेटलतीफ
तुस्याना घोटाले के आरोपी कैलाश भाटी की अस्पताल में मेहमाननवाजी के मामले में पुलिस कर्मियों पर लगा था लापरवाही का आरोप
- 24 घंटे मेें मांगा था जेल प्रशासन ने जवाब, अब तक नहीं सौंपा, आज दूसरा नोटिस देगा जेल प्रशासन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में तुस्याना भूमि घोटाले के आरोपी कैलाश भाटी की मेहमान नवाजी के मामले में ड्यूटी पर तैनात छह पुलिसकर्मियों पर पहले लापरवाही का आरोप लगा और अब स्पष्टीकरण देने में लेटलतीफी सामने आ रही है। मामले में जेल प्रशासन ने नोटिस देकर 24 घंटे में जवाब मांगा था। लेकिन चार दिन बाद भी पुलिसकर्मियों ने जेल प्रशासन को स्पष्टीकरण नहीं सौंपा। जेल प्रशासन अब पुलिसकर्मियों को दूसरा नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
बता दें कि तुस्याना भूमि घोटाले के आरोपी कैलाश भाटी भाजपा के एमएलसी नरेंद्र भाटी के भाई हैं। तुस्याना भूमि घोटाले के मामले में एसआईटी ने नवंबर 2022 में कैलाश भाटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल प्रशासन का कहना था कि दो मार्च को तबीयत खराब होने पर उन्हें जिम्स भेजा गया था। यहां चेकअप के बाद चिकित्सकों ने उन्हें इलाज के लिए भर्ती कर लिया था। इसके बाद पिछले सप्ताह कैलाश भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कैलाश भाटी वीडियो में एसी रूम में दिख रहे थे और उनके परिजन भी आसपास थे। आरोप था कि उन्हें कोल्डडि्रंक व मोबाइल आदि भी उपलब्ध कराये गए। इन सबके बीच सुरक्षा में तैनात किए गए उनके छह पुलिसकर्मी आसपास नहीं दिखे। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू की। वहीं, जिम्स प्रशासन ने सुविधा उपलब्ध कराने के आरोपों को खारिज कर दिया। मंगलवार को कैलाश भाटी को डिस्चार्ज कर वापस जिला कारागार भेज दिया गया। वहीं, कैलाश भाटी के वकील ने वीडियो बनाने वालों पर दो करोड़ रुपये नहीं देने पर वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया।
कैलाश भाटी की सुरक्षा में भेजे गए छह पुलिसकर्मियों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया था। लेकिन पुलिसकर्मियों ने अब तक स्पष्टीकरण नहीं दिया है। अगर सोमवार को जवाब नहीं मिलता है तो दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई के लिए रिपोर्ट आलाधिकारियों को भेजी जाएगी।
- अरुण प्रताप सिंह, जेल अधीक्षक गौतमबुद्ध नगर