ज्योतिष से निकलीं करियर की राहें, रोजगार देगा भविष्य का ज्ञान
- नई शिक्षा नीति से वैदिक शिक्षा, ज्योतिष जैसे विषयों पर बढ़े कोर्स
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नई शिक्षा नीति के चलते बढ़ी ज्योतिषी कोर्सों की संख्या अब युवाओं को करियर विकल्प के तौर पर लुभाने लगी है। जहां पहले वैदिक शिक्षा व ज्योतिष विज्ञान जैसे विषयों में इक्का दुक्का विद्यार्थी ही दाखिला लेते थे। वहीं अब जिले में ही सैकड़ों विद्यार्थी इन क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए पढ़ाई कर रहे हैं। वैल्यू एडेड से लेकर पीएचडी तक ज्योतिष विज्ञान में कोर्सों के कई विकल्प मौजूद हैं।
सेक्टर 62 स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) द्वारा लंबे समय से वैदिक शिक्षा पर आधारित कोर्स कराए जाते रहे हैं। लेकिन 2020 तक इनमें दाखिला लेने वालों की संख्या हर साल 1-2 के बीच रही है। वहीं जहां पिछले दो सालों में कोर्सों की संख्या में बढ़ोत्तरी आई है। वहीं विद्यार्थियों की संख्या सैकड़ों में पहुंच चुकी है। एनआईओएस वैदिक शिक्षा, ज्योतिष , संस्कृत आदि विषयों पर प्राथमिक,उच्च प्राथमिक व वोकेशनल कोर्स कराता है। यह कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन माध्यमों में भी उपलब्ध हैं। वहीं चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा संस्कृत विद्यार्थियों के लिए वैल्यू एडेड कोर्सों के तौर पर ज्योतिष, कर्मकांड व वैदिक शिक्षा आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। उच्च शिक्षा अधिकारी मेरठ मंडल प्रो राजीव गुप्ता ने बताया कि संस्कृत सहित सभी कोर्सों को रोजगार परक बनाने के लिए वैल्यू एडेड कोर्स जोड़े जा रहे हैं।
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ज्योतिषियों को भी लुभा रह कोर्स
ज्योतिष को आजीविका का साधन बनाकर लंबे समय से कार्यरत लोग भी अब इससे जुड़े कोर्सों में रुचि ले रहे हैं। इनका मानना है कि कई लोग अब अच्छी डिग्री प्राप्त ज्योतिषियों व पंडितों से ही कर्मकांड व ज्योतिषी सलाह लेना पसंद करते हैं। साथ ही शिक्षा ज्ञान को बढ़ाकर उनके करियर के लिए हर तरह से लाभकारी साबित होती है। ज्योतिषी डॉ प्रकाश जोशी बताते हैं कि हाल ही में उन्होंने ज्योतिष व हस्तरेखा विद्या में पीएचडी डिग्री हासिल की है। जबकि वह कई सालों से ज्योतिषी के रूप में कार्यरत हैं। कई जाने माने राजनेता व अभिनेता उनके पास भविष्य जानने के लिए आते रहते हैं।