जाम में फंसी बस, बीमार बच्ची की मौत
नगीना। बड़कली चौक पर शुक्रवार को लगी जबरदस्त जाम में फंसने के कारण एक बीमार बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। मृतका का नाम सुमेया (10) था। उसके परिजन अलवर के एक निजी अस्पताल से उसका इलाज कराकर बस से पलवल जिले के गांव रणसीका लेकर जा रहे थे। राजस्थान परिवहन निगम की बस नूंह जिले के बड़कली चौक हाइवे 248ए पर जाम में फंस गई। इस भीषण गर्मी और जाम के कारण धीरे-धीरे सुमेया की हालत बिगड़ने लगी। वहीं जाम की स्थिति जस की तस बनी रही। जाम खुलवाने के लिए पुलिस कर्मी और होमगार्ड को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी तब जाकर यातायात सुचारू हुआ। करीब जाम करीब चार घंटे तक लगी रही। चश्मदीद मोहम्मद जावेद ने बताया कि सुमेया के परिजन उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे बस से उतारकर चाय की दुकान पर ले गये और वहां उसे सुलाया गया। इस दौरान उसे जूस और पानी भी पिलाया गया। शरीर सामान्य से अधिक गर्म होने के कारण बर्फ की मालिश की गई, लेकिन बुखार कम नहीं हुआ और न ही उसकी हालत में सुधार हुई और चाय की दुकान पर ही मासूूूम की जान चली गई। बच्ची के पिता हाफिज फारूख रणसीका जलालपुर ने बताया कि 10 वर्षीय बेटी को अलवर के एक अस्पताल से इलाज कराकर लौट रहा था। करीब 3 बजे के आस-पास जाम शुरू हुआ और हमारी बस भी इसी जाम में फंस गई और बस में ही करीब 4 घंटे बीत गए। सुमेया की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे बस से नीचे उतारा। जूस और पानी पिलाया गया लेकिन बुखार कम नहीं हुआ। नजदीक कोई अस्पताल भी नहीं था जहां उसे लेकर जाते और अचानक उसने दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि दो ड्राइवरों द्वारा गलत दिशा में गाड़ी खड़ी करने के कारण जाम लग गया और पुलिस ने जल्दी ही जाम पर काबू पाकर खुलवाया।