फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: हरित पटटी में बनी 28 दुकानों पर चला बुल्डोजर

विज्ञापन
विज्ञापन
हरित पटटी में बनी 28 दुकानों पर चला बुल्डोजर
विज्ञापन

- किसान ने लगाया अन्याय का आरोप, कहा- न्यायालय की शरण में जाएंगे
- अधिकारियों का कहना अधिसूचित क्षेत्र में लैंड यूज चैंज करके किया था निर्माण
माई सिटी रिपोर्टर



ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण ने सूरजपुर में क्राउन प्लाजा होटल के सामने हरित पट्टी में बनी 28 दुकानों को बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण अधिकारियों का दावा है कि उक्त भूमि मास्टर प्लान में हरित पटटी के लिए छोड़ी गई थी। इसके अलावा जमीन का प्रयोग बदलकर उसे कामर्शियल किया जा रहा था। इससे मास्टर प्लान और प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
उधर, प्रभावित किसान लक्ष्मण सिंह ने प्राधिकरण के अधिकारियों पर अन्याय का आरोप लगाया है और कहा है कि जिन दुकानों का नक्शा पास था उनको भी तोड़ा है। किसानों ने अदालत की शरण में जाने की बात कही है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि सूरजपुर के खाता संख्या 390 में मास्टर प्लान के अनुसार हरित पट्टी के लिए छोड़ी गई थी। मगर किसानों ने उक्त जमीन पर लैंड यूज बदलकर उस पर दुकानें बना ली गई। इसकी शिकायत लैंड विभाग ने की थी और जांच के बाद मास्टर प्लान के अनुसार यहां पर जमीन का गलत प्रयोग पाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

लैंड विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट पर बुधवार को अतिक्रमण हटाओ दस्ता करीब तीन बजे मौके पर पहुंचा। बुल्डोजर ने 28 दुकानों को कुछ ही देर में गिरा दिया। अधिकारियों ने बताया कि आसपास में भी कुछ दुकानें बनाई जा रही है और उनकी भी जांच हो रही है। यदि प्राधिकरण अथवा सरकारी जमीन पर यह दुकान पाई गई तो उनको भी ध्वस्त किया जाएगा। इधर किसान लक्ष्मण सिंह ने आरोप लगाया कि आसपास में भी प्राधिकरण की जमीन पर दुकान बनाई गई है। मगर अधिकारियों ने केवल उनकी ही दुकानों को तोड़ा है।

किसान के कुछ सवाल
-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पहले ही सभी गांवों में अधिसूचना लगा रखी थी तो उन्हें गुमराह क्यों किया।

-प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही पर अब मुख्य कार्यपालक अधिकारी क्या कार्रवाई करेंगी।

- प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई क्यों की, यदि की है तो सीलिंग पत्र क्यों नहीं दिया गया।

-जब दुकान बन रही थी तो उस समय अधिकारियों ने भ्रमण कर इसे गलत क्यों नहीं बताया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें