ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) अभी तक 39,709 शिकायतों का निस्तारण करा चुका है, लेकिन बिल्डर आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस कारण अब तक 12228 खरीदार आदेश का पालन कराने का प्रार्थना पत्र दे चुके हैं।
यूपी रेरा में अभी तक 44555 खरीदार शिकायत कर चुके हैं। इनमें से 89 प्रतिशत (39709) शिकायतों का निस्तारण भी कराया जा चुका है, लेकिन निस्तारण होने के बाद भी खरीदारों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। परेशान होकर खरीदार फिर से यूपी रेरा का दरवाजा खटखटा रहे हैं। अभी तक 12228 खरीदार यूपी रेरा से आदेश का पालन कराने की गुहार लगा चुके हैं। इनमें 7377 आदेश पैसा वापस करने और 4290 आदेश कब्जा देने के हैं। पैसा वापस करने के आदेशों में यूपी रेरा अभी तक 5625 रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर चुका है, जो 1761.88 करोड़ के हैं।
इसमें से 5625 में से 2699 आरसी में 344.62 करोड़ की वसूली हो चुकी है। जबकि 1324 मामलों में यूपी रेरा खरीदार व बिल्डर के बीच समझौता करा चुका है, जो 448 करोड़ के हैं। पैसा वापस करने के 7377 मामलों में से 4023 का समाधान हो सका है। बाकी अभी भी पैसा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यूपी रेरा के अफसरों का कहना है कि समस्त जिलाधिकारी के माध्यम से वसूली की कार्रवाई को जल्द से जल्द कराने का प्रयास किया जा रहा है।
1592 आदेशों का पालन होने का इंतजार
यूपी रेरा की विभिन्न पीठ ने कब्जा देने और देरी से कब्जा देने पर जुर्माना लगाने के भी आदेश दिए हैं। इनमें से 4721 खरीदारों ने आदेशों का पालन कराने की अपील की। यूपी रेरा अभी तक 3129 आदेशों का पालन करा सका है। वहीं, यूपी रेरा अभी तक 1311 मामलों में समझौता करा पाया है।
2056 में से 1300 प्रोजेक्ट हो चुके हैं पूरे
मंगलवार को यूपी रेरा के अफसरों ने बैठक में उपलब्धियों की समीक्षा की। अफसरों ने बताया कि यूपी रेरा में पंजीकृत 2056 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जबकि 1211 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हैं। चल रहे प्रोजेक्ट में से 48 प्रतिशत एनसीआर के गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ जिले में हैं, बाकी प्रदेश के 67 जिलों के हैं। 37 प्रतिशत नए प्रोजेक्ट एनसीआर और 63 प्रतिशत गैर एनसीआर जिलों के हैं। 2056 में से 1300 प्रोजेक्ट अभी तक पूरे हो चुके हैं।
अकेले यूपी रेरा के पास देशभर की 38% शिकायतें
यूपी के अलावा बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात और कर्नाटक में रेरा लागू है। सभी जगह दर्ज कुल शिकायतों में से 38 प्रतिशत यूपी रेरा की हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश रेरा निस्तारण करने में भी अव्वल है। विभिन्न रेरा की कुल निस्तारित शिकायतों में से 40 प्रतिशत यूपी रेरा की हैं।