नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी की याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में दर्ज प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग की थी। न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद और न्यायमूर्ति विमल कुमार यादव की पीठ ने कहा कि मूल्यांकन रिपोर्ट में समीक्षा प्राधिकारी की टिप्पणियां व्यक्तिपरक होती हैं और अदालतें इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं, जब तक कि वे मनमानी न हों। मामला सुरेश सांखला नामक अधिकारी से जुड़ा है, जो 2012 बैच के सहायक कमांडेंट हैं। उन्होंने 2018 में याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार के आदेशों को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी 2014-2015 की छह मासिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एसएमपीएआर) और वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) में दर्ज प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग की गई थी। ब्यूरो