स्वस्थ मस्तिष्क भी शारीरिक सेहत जितना जरूरी, झिझक छोड़ मदद लें लोग
ग्रेटर नोएडा(संवाद)। मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य का अहम हिस्सा है। जिस तरह शारीरिक बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सक की मदद लेना जरूरी है, उसी तरह मानसिक और भावनात्मक समस्याओं को भी गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। मानसिक परेशानियों को छिपाने या सामाजिक संकोच के कारण इलाज टालने के बजाय समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। यह संदेश राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक भारती ने दिया। मानसिक स्वास्थ्य हर व्यक्ति का बुनियादी अधिकार है। समाज में मानसिक बीमारियों को लेकर फैली भ्रांतियों और कलंक को दूर करना समय की जरूरत है। अक्सर लोग मानसिक समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने से बचते हैं और दूसरों की प्रतिक्रिया के डर से मदद लेने में देरी कर देते हैं। इससे समस्या गंभीर हो सकती है। डॉ. भारती ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ लोगों को शुरुआती लक्षणों को पहचानने और समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने के लिए प्रेरित करना जरूरी है।