लोगों का कहना- कस्बा में पेजयल आपूर्ति, सड़कें और साफ-सफाई का खस्ता हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। नगर निकाय चुनाव को लेकर अब दादरी चर्चा तेज हो गई है। नगर में साफ-सफाई और पानी की निकासी न होने और सड़कों की हालत को लेकर लोगों में रोष भी है। पानी के लिए करोड़ों रुपये की टंकी लगाने पर भी एक दशक से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाई है। ऐसे में लोगों का कहना है कि उनका जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो दादरी का चहुमुखी विकास कर सके।
लोगों ने बताया कि दो साल से ओवर ब्रिज के पास गड्ढा बना हुआ है, लेकिन आज तक नगर पालिका के अध्यक्ष और अधिकारी उसे दुरुस्त नहीं करा सके हैं। हर बार उसे ठीक करने के लिए काम किया जाता है। मगर 10 दिन बाद फिर से गड्ढा बन जाता है। कई कालोनियों में प्रदर्शन के बावजूद निवासियों को बिजली नहीं मिल पा रही है। इन सब हालातों को निकाय चुनाव से जोड़ते हुए वार्ड-12 की पिंक सिटी कॉलोनी में लोग रविवार को चर्चा करते दिखे। और सभी ने एक सुर में कहा कि ऐसे प्रत्याशी को ही वोट देंगे, जो विकास कार्य करा सकेगा।
ये है लोगों का कहना:
दादरी जिले का सबसे पुराना कस्बा है, लेकिन यहां पर टंकी तो लग गईं, मगर आज तक पानी नहीं आया है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निवासियों को पानी के लिए हैंडपंप या सबमरसेबल का ही सहारा है।
दीपचंद सिंह, निवासी।
दादरी रेलवे रोड पर ओवर ब्रिज के पास एक गड्ढा बना हुआ है, लेकिन नगर पालिका के अधिकारी उसे ठीक नहीं करा पाए। अब ऐसा जनप्रतिनिधी चाहिए जो दादरी की समस्याओं को दूर करा सके।
सुखबीर सिंह निवासी।
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दादरी की सबसे बड़ी समस्या गंदगी है। पर्याप्त कर्मचारी होने के बावजदू कस्बा की गालियों में पानी जमा रहता है। जरा सी बरसात होने पर कई-कई घंटे तक सड़कों पर पानी भरा रहता है। जो इन समस्याओं को दूर करेगा उसी को वोट देंगे।
धीरज भाटी, निवासी।
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देश भर में साफ-सफाई के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने अभियान छेड़ रखा है, लेकिन दादरी में पर्याप्त सार्वजनिक शौचालय तक नहीं हैं। रोजगार के लिए हजारों लोग दादरी में आते हैं, लेकिन कोई सुविधा नहीं है।
प्रेमचंद शर्मा निवासी।
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दादरी की तरह ही ग्रेटर नोएडा बसाया गया था, लेकिन आज ग्रेनो को लोग स्वर्ग मानते हैं और दादरी में कोई रहना पसंद नहीं करता है। यह केवल सुविधाओं के अभाव में ऐसी हालत है।
राधेश्याम मावी, निवासी