प्रदेश भाजपा की कार्यकारिणी ने राजनीतिक प्रस्ताव पारित, दिल्ली सरकार की असफलताओं भी बताएंगे भाजपाई
बिधूड़ी ने प्रस्ताव पेश किया, सांसद डॉ. हर्षवर्धन व मनोज तिवारी ने अनुमोदित किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की अध्यक्षता में प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी ने संकल्प लिया कि वह केंद्र सरकार की दिल्ली को दी गईं सौगातों और केजरीवाल सरकार की असफलताओं को जन-जन तक पहुंचाएगी। आम आदमी पार्टी के खिलाफ जन आंदोलन करेंगी। दिल्ली की जनता को वास्तविकताओं से अवगत कराया जाएगा।
इस मौके पर विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह ने प्रस्ताव को पेश किया जिसका अनुमोदन सांसद डॉ. हर्षवर्धन और मनोज तिवारी ने किया। प्रस्ताव में कहा गया है कि दिल्ली सरकार हर मोर्चे पर फेल है और भ्रष्टाचार में डूबी है। आम आदमी बताकर जनता को झांसा देने वाले मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये निवास के सौंदर्यीकरण में खर्च कर दिए। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना पूरे देश की तरह दिल्ली में भी लागू होनी चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना को भी दिल्ली सरकार ने लागू नहीं किया। ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना भी दिल्ली सरकार ने कोर्ट के दबाव और फटकार के बाद ही लागू की। भ्रष्टाचार में लिप्त मुख्यमंत्री पूछताछ के लिए बुलाए जाते हैं, लेकिन इस्तीफा देना तो दूर, उसकी पेशकश भी नहीं करते। शराब घोटाले में सिसोदिया को आपराधिक षड्यंत्र का आर्किटेक्ट कोर्ट ने माना है। सत्येंद्र जैन को भी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने की वजह से कोर्ट ने जमानत नहीं दी है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य, ट्रांसपोर्ट, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी समेत सभी विभागों फेल साबित हुए है। यह कार्यकारिणी दिल्ली सरकार की निंदा करती है। साथ ही, धिक्कारती है कि दुष्कर्म के बाद दलित महिला की दर्दनाक मौत के बाद उसके पास सहानुभूति के दो शब्द तक नहीं हैं, क्योंकि अभियुक्त का नाम शाकिर खान है। इतना ही नहीं दिल्ली में पानी का भीषण संकट है और सरकार जहरीली शराब पिला रही है।
केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएंगे
राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली को विश्व की सर्वश्रेष्ठ व आधुनिक राजधानी बनाने का संकल्प लिया है। नौ वर्षों में दिल्ली को केंद्र सरकार की तरफ से इतनी अधिक सौगात मिली हैं कि आज यह कार्यकारिणी स्वयं को गौरवान्वित महसूस करती है। कार्यकारिणी केंद्र सरकार को धन्यवाद देती है कि इस बार के बजट में भी दिल्ली के लिए डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया। हाईवे के लिए 60 हजार करोड़ तो अस्पतालों का 8 हजार करोड़ रुपये मिले। इसी तरह कानून व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस के लिए 10355 करोड़ और डीडीए के लिए 7643 करोड़ का प्रावधान किया गया है। एनडीएमसी को 4743 करोड़ रुपये, मेट्रो के चौथे चरण के लिए 13 हजार करोड़ रुपये और दिल्ली विश्वविद्यालय, इग्नू, जेएनयू, जामिया पर प्रतिवर्ष 3000 करोड़ रुपये, पेंशन योजना के लिए 3700 करोड़, दिल्ली केंटोनमेंट बोर्ड पर प्रतिवर्ष 450 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इतना ही नहीं राजपथ को कर्तव्य पथ में बदल दिया गया, क्योंकि राजपथ का नाम बदलने का फैसला मातृभूमि की सेवा करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। बदरपुर में 885 एकड़ जमीन पर इको पार्क बनाया जा रहा है, ताकि प्रदूषण की समस्या से निजात मिले। धौलाकुआं, वसंत कुंज और नरेला फ्लाई ओवरों के निर्माण के साथ-साथ महिपालपुर बाईपास पर बनाया गया अंडरपास भी केंद्र सरकार की ही दिल्ली को देन है। दिल्ली में तीसरा रिंग रोड (यूईआर-II) आदि योजनाएं केंद्र की हैं। सर्व सम्मति से कार्यकारिणी ने इसे जन जन तक पहुंचाने का निर्णय लिया।