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Noida News: किसानों को उचित मुआवजा न मिलने का भाजपा ने किया विरोध

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मुद्दा न उठाने देने पर भाजपा विधायकों ने सदन में हंगामा किया
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विधायकों को बाहर निकलवाया तो सीएम कार्यालय पर दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भाजपा विधायकों ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में दिल्ली सरकार को घेेरने के लिए किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने के मुद्दे का सहारा लिया। हालांकि, वे अपने मिशन में कामयाब नहीं हो सके, क्योंकि नियम 280 की सूची में उनका नाम आने के बावजूद आम आदमी पार्टी के विधायकों के हंगामे के कारण वे इसे मुद्दे पर अपनी बात नहीं रख सके। इसके बाद मुद्दा उठाने का प्रयास करने पर उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया गया। इसके विरोध में भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना दिया।
भाजपा विधायक किसानों के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को घेरने के लिए रंगबिरंगी पगड़ी बांधकर आए थो। उन्होंने नियम 280 तहत यह मुद्दा उठाने का आवेदन किय तो चार विधायकों के आवेदन स्वीकृत हो गए, लेकिन सदन की बैठक शुरू होते ही में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने हंगामा कर दिया। इस कारण एक घंटे से अधिक समय खराब हो गया और विधानसभा अध्यक्ष ने चर्चा नहीं कराने का ऐलान किया। उनके इस निर्णय का भाजपा विधायकों ने कड़ा विरोध किया और चर्चा कराने की मांग को लेकर वेल में आकर हंगामा करने लगे। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने नेता प्रतिपक्ष रामवीर बिधूड़ी समेत भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता, मोहन सिंह बिष्ट, ओमप्रकाश शर्मा, जितेंद्र महाजन, अनिल वाजपेयी, अजय महावर और अभय वर्मा को मार्शल से बाहर करवा दिया।
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विपक्ष का गला घोंट रही दिल्ली सरकार : बिधूड़ी
धरने पर बैठे रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार विपक्ष का गला घोंटने में लगी है। विधानसभा में लगातार चौथे दिन भाजपा के विधायकों को मार्शल से बाहर करा दिया गया। किसानों की समस्याओं का उनका मुद्दा कार्यसूची में पहले स्थान पर था, लेकिन आप के विधायकों ने हंगामा करके यह मुद्दा नहीं उठाने दिया। उन्होंने केजरीवाल का इस्तीफा मांगते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार किसानों की खेती की जमीन कौड़ियों के भाव में अधिगृहीत कर रही है। 26 दिसंबर को नंगली रजापुर गांव के किसानों की जमीन सिर्फ 22 लाख रुपये प्रति एकड़ के दाम पर अधिगृहीत कर ली गई। यह किसानों के साथ खुली लूट है। इस तरह केजरीवाल सरकार की किसान विरोधी नीतियां जगजाहिर हो रही हैं। दिल्ली सरकार ने किसानों का दर्जा खत्म कर दिया है। इस कारण वह मोदी सरकार से मिलने वाले हर वर्ष छह हजार रुपये मिलने से वंचित हो गए हैं। गांवों का लालडोरा नहीं बढ़ाया गया, किसानों को व्यावसायिक रेट पर बिजली दी जा रही है, खाद एवं कृषि संयंत्रों पर कोई सब्सिडी नहीं दी जा रही और किसान की जमीन अधिगृहीत करने पर वैकल्पिक आवासीय प्लाट देने की नीति केजरीवाल सरकार ने बंद कर दी है। इसके अलावा न ट्यूबवेल लगाने की अनुमति दी जा रही है और न ही इसके लिए कनेक्शन दिया जा रहा है। केजरीवाल सरकार ने किसान की मृत्यु पर वैध उत्तराधिकारी का नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करना बंद कर दिया है।
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