फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida: मिले 1000 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी के साक्ष्य, आयकर विभाग ने छह दिन चलाया सर्च ऑपरेशन

Wed, 10 Jan 2024 01:07 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

भूटानी सहित छह बिल्डर कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग का सर्च ऑपरेशन नोएडा में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बन गई है। छह दिन तक चली जांच के बाद आयकर विभाग को करीब 1000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के साक्ष्य मिले हैं।
विज्ञापन
इनकम टैक्स रेड - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भूटानी सहित छह बिल्डर कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग का सर्च ऑपरेशन नोएडा में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बन गई है। छह दिन तक चली जांच के बाद आयकर विभाग को करीब 1000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा कैश में बेची गई संपत्तियों के रिकॉर्ड भी बिल्डर कंपनियों के कार्यालयों से पेन ड्राइव और हार्ड ड्राइव में सुरक्षित मिले। इन सभी पेन ड्राइव और हार्ड ड्राइव को सीज किया गया है। इनकी जांच अभी आयकर विभाग करेगा, जिससे बेनामी संपत्तियां खरीदने वाले निवेशकों को चिह्नित किया जा सके।

विज्ञापन


आयकर विभाग ने 4 जनवरी को भूटानी, लॉजिक्स, ग्रुप-108, एडवांट के अलावा ग्रांडस्लैन, बुलमेन रियलिटी के खिलाफ सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। छह दिन तक दिन-रात अधिकारियों ने दस्तावेज के अलावा लाॅकर, अलमारियां और कंप्यूटर खंगाले। करीब 40 लोकेशनों पर अलग-अलग टीमों ने यह सर्च ऑपरेशन पूरा किया। इस जांच में कर चोरी के साक्ष्य के अलावा बड़े पैमाने पर कैश में लेनदेन, एकाउंट बुक में कम वैल्यू दिखाने जैसे कारनामे किए गए। जांच में आयकर अधिकारियों ने इसे पकड़ा है। अब जो दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं। उनको सीज कर आगे की जांच की जाएगी। कैश में हुए निवेश के असली मालिकों को भी चिह्नित किया जाएगा, जिससे उनके खिलाफ भी बेनामी संपत्ति में कार्रवाई हो सके।

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जांच कमोबेश पूरी हो गई है। इसके बाद अब बिल्डर कंपनियों को नोटिस देने की कार्रवाई विभाग करेगा। बिल्डरों के ऊपर बकाया टैक्स का आकलन भी किया जा रहा है जिससे देनदारी को आयकर विभाग में जमा कराया जा सके। इस पूरी जांच में छह बिल्डरों में प्रमुख रूप से भूटानी समूह, लॉजिक्स, ग्रुप-108 और एडवांट शामिल हैं। भूटानी समूह के साथ बाकी तीन बिल्डर अलग-अलग प्रोजेक्ट में शामिल रहे हैं। ऐसे में सभी की एक साथ जांच आयकर विभाग ने कराई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

‘गारंटीड रिटर्न स्कीम’ से 250 करोड़ रुपये का चूना
बिल्डरों के खिलाफ चल रही आयकर विभाग की जांच में ''गारंटीड रिटर्न स्कीम'' के नाम पर सरकारी खजाने को करीब 250 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का मामला आया है। इस योजना में निवेशकों को बेची गई संपत्तियों की कीमत ही बिल्डर्स ने अपने दस्तावेजों में कम दिखाई। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि बिल्डरों ने जो संपत्ति 100 रुपये में बेची। उसे गारंटीड रिटर्न की किश्त घटाते हुए अपनी एकाउंट बुक में दर्ज किया। इससे टैक्स की देनदारी भी उनकी कम हो गई। इससे सीधे तौर पर सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ। आमतौर पर बिल्डर कंपनियां गारंटीड रिटर्न स्कीम में 12 फीसदी से लेकर 24 फीसदी तक रिटर्न देने का वायदा अपने ऑफर में करती हैं। इससे निवेशक भी संपत्ति में निवेश करने के लिए आकर्षित होता है।

कैश में संपत्ति खरीदने वालों का भी मिला ब्यौरा
आयकर विभाग के सर्च ऑपरेशन में बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां भी मिली हैं जिनको कैश में बेचा गया। ऐसी संपत्तियां कोडनेम से बेचने के भी साक्ष्य विभाग को जांच में मिले हैं। इन संपत्तियों को किसने खरीदा? इसके लिए बिल्डर कंपनियों के अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है। कुछ नाम आयकर विभाग के सामने आए भी हैं। इनके आय के स्रोतों की जांच की जा रही है।

यूफ्लेक्स के बाद दूसरा बड़ा सर्च ऑपरेशन
आयकर विभाग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नोएडा में पैकिंग सर्विस प्रोवाइडर कंपनी यूफ्लेक्स के बाद यह दूसरी सबसे बड़ा सर्च आपरेशन है। यूफ्लेक्स के खिलाफ भी छह दिन तक जांच चली थी। इसके बाद करीब 1000 करोड़ रुपये की आयकर से जुड़ी अनियमितताएं मिली थीं। बिल्डरों के खिलाफ जांच का आंकड़ा अभी बढ़ने की भी उम्मीद है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें