नोएडा। करीब पौने आठ लाख की बोली लगने के बाद यूपी-16 डीजे सीरीज का 0001 नंबर महज 20 हजार रुपये में बिक गया। नंबर ओम प्रकाश गुप्ता ने खरीदा है। करीब दस दिनों तक दस आवेदक लाखों की बोली लगाकर नंबर पाने के लिए जद्दोजहद करते रहे। लेकिन आखिरी वक्त में ऊंची बोली लगाने वालों ने नंबर खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। नतीजतन दसवें आवेदक को नंबर मिल गया। बिडिंग के दौरान यह पहली बार हुआ है कि किसी नंबर की 7.70 लाख रुपये तक बोली लगी और वह केवल 20 हजार रुपये में बिका हो। इससे परिवहन विभाग को लाखों रुपयों का नुकसान झेलना पड़ा।
यूपी-16 डीजे सीरीज के लिए 6 अगस्त से बोली शुरू हुई थी। पहले दिन वीआईपी नंबर 0001 की बोली 4.65 लाख के पार चली गई। इसके बाद बिडरों ने धीरे-धीरे नंबर के लिए बोली को बढ़ाया और अंतिम बोली एक निजी कंपनी ने लगाई। कंपनी ने नहीं खरीदा। कुछ दिनों बाद 6.60 लाख रुपये की बोली लगाने वाले को यह नंबर ऑफर किया गया। जब दूसरे नंबर के बिडर ने भी नंबर में रुचि नहीं दिखाई तब और अन्य बोलीदाताओं को नंबर के लिए ऑफर दिया गया। पहले नौ बिडरों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए। इस नंबर के लिए रिजर्व रेट 6667 रुपये रखा गया था।
0003 नंबर 1.41 लाख में बिका
वहीं 0003 नंबर को 1.41 लाख में खरीदा गया है। यह एक निजी कंपनी ने इसे खरीदा है। इस नंबर के लिए भी चार आवेदकों ने रुचि दिखाई थी। लेकिन चौथे बिडर ने इस नंबर को 1.41 लाख में खरीद लिया। इस नंबर के लिए 4.55 लाख रुपये की बोली लगाई गई थी। बाकी तीन बिडरों ने अपने हाथ पीछे खींचे तो चौथे बिडर ने इस नबर को खरीद लिया। वहीं 0005 नंबर के लिए अब भी पेच फंसा हुआ है। इस नंबर के लिए 5.47 लाख की बोली लगी हुई है। पांच बिडर आमने सामने हैं। उम्मीद जताई जा रही है। इस नंबर की बिडिंग भी काफी नीचे जाएगी।
जिन बिडरों ने बोली लगाकर नंबर नहीं खरीदे। उनकी जमा राशि जब्त कर ली जाएगी। - सियाराम वर्मा, एआरटीओ प्रशासन