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प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए बेसिक शिक्षाधिकारी

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नोएडा। जिले के अलग-अलग स्कूलों की कुछ शिक्षिकाओं ने सितंबर में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) धर्मेंद्र सक्सेना पर मानसिक उत्पीड़न और अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाया था। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं। इसकी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा सचिव अनामिका सिंह ने शासन को भेज दी है। मामले में आगे की जांच करने की जिम्मेदारी मेरठ मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को दी गई है। यदि उनकी जांच में भी दोष साबित होते हैं तो शासन बीएसए के खिलाफ कार्रवाई करेगा। जल्द ही शिक्षिकाओं और बीएसए के बयान दर्ज कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि बीएसए ने शिक्षिकाओं के अवकाश में मनमानी रवैया अपनाया, विरोध करने पर अभद्रता की। शिक्षिकाओं के बाल्य देखभाल अवकाश को बीएसए ने पहले बिना किसी कारण अस्वीकृत कर दिया और बाद में मनमाने तरीके से स्वीकृत किया गया। साथ ही आरोप है कि औचक निरीक्षण के नाम पर शिक्षक-शिक्षिकाओं का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न भी किया गया। विरोध करने पर शिक्षिकाओं से अमर्यादित व्यवहार किया।
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मुझ पर लगे सभी आरोप निराधार हैं। यह कुछ लोगों का षड्यंत्र है। जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। - धर्मेंद्र सक्सेना, बीएसए
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