स्कूल सील करने पहुंचे बैंक कर्मी, संचालकों की दो बेटियों की आत्महत्या की कोशिश
- दंपती, दो बेटियों, प्रधानाचार्या समेत छह के खिलाफ दर्ज किया सरकारी कार्य में बाधा का केस
- स्कूल संचालक बोले, लोन की रकम में ब्याज अधिक लगाने पर कोर्ट में मामला है विचाराधीन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली क्षेत्र में ऋण जमा नहीं करने पर दूसरी बार आठ अगस्त को स्कूल सील करने जब पुलिस के साथ बैंक की टीम पहुंची तो संचालिका व अन्य ने जमकर हंगामा किया। स्कूल संचालक दंपती की दो बेटियों ने फंदा लगाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। मामले में पुलिस ने स्कूल संचालक दंपती, उनकी दो बेटियों, प्रधानाचार्या समेत छह लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा समेत धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
बिसरख कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उपनिरीक्षक मनोज तोमर ने कहा है कि 27 मई को बैंक कैपरी ग्लोबल कैपिटल ने लोन नहीं चुकाने पर हर्ष पब्लिक स्कूल को सील किया था। इस संबंध में बिसरख कोतवाली में केस दर्ज कराया था और शांति भंग करने पर स्कूल संचालक नवीन कुमार पर शांति भंग करने की कार्रवाई की गई थी। आठ अगस्त को न्यायालय के आदेश पर बैंक और पुलिस की टीम एक बार फिर से स्कूल को सील करने पहुंची, तो स्कूल संचालिका यशोदा देवी व अन्य लोगों ने जमकर हंगामा किया और कार्रवाई का विरोध किया। न्यायालय के आदेश की प्रति फाड़कर सरकारी कार्य में बाधा डाली। स्कूल संचालक की दो बेटियां ईशा और चिंकी ने स्कूल की छत पर चढ़कर कमरे में फंदा लगाकर खुदकुशी की कोशिश की। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया, लेकिन प्रधानाचार्य गिरीश तोमर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में राम किशोर अवस्थी, नवीन कुमार, उनकी पत्नी यशोदा देवी, बेटी ईशा, चिंकी, प्रिया, प्रधानाचार्य गिरीश तोमर पर आईपीसी की धारा 147, 148, 332, 504, 352, 186, 309 के अंतर्गत केस दर्ज किया है। बिसरख कोतवाली प्रभारी अनिल राजपूत ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर नियमानुसार पैसा जमा कराने के बाद पुलिस स्कूल सील करने पहुंची थी। आरोपियों को हिरासत में लिया गया लेकिन थाने से जमानत दे दी गई थी।
स्कूल संचालक ने भी लगाए आरोप
स्कूल संचालक नवीन कुमार ने इस मामले में आलाधिकारियों से शिकायत की है कि आठ अगस्त को वह लखनऊ न्यायालय में तारीख पर गए थे। इसी दौरान बैंककर्मियों ने उनके परिवार से अभद्रता की। बेटियों को साथ ले जाने की कोशिश की। इसके चलते उनके परिवार के लोगों ने खुदकुशी की कोशिश की। परिवार की महिलाओं को पुलिस ने पकड़कर थाने में बैठाया। स्कूल परिसर में अखबार का दफ्तर चलाने वाले और केस में नामजद किये गए रामकिशोर अवस्थी का कहना है कि पुलिस ने उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया है। जबकि आठ अगस्त को ही न्यायालय ने इस मामले में स्थगनादेश दिया है। निजी फाइनेंस कंपनी ने लोन देकर मोटा ब्याज लगाया है, इसके चलते मामला कोर्ट में विचाराधीन है।