पहले तेजी से उठे, फिर गिरे अब उठने की तैयारी
नोएडा-ग्रेनो में रियल एस्टेट ने पहले फेज में 1998 से 2005 के बीच जबरदस्त उड़ान भरी, जो भी काम लिया उसे पूरा किया। सभी को घर दिया। सभी फ्लैट खरीदार बेहद खुश थे, लेकिन दूसरे फेज 2005 से लेकर 2015 और 2020 में रियल एस्टेट ने खरीदारों को झटका दिया। अब 2021-22 से तीसरा फेज शुरू हुआ है। यहां कुछ नए खिलाड़ी शामिल हुए हैं।
कहना बिल्डरों का
- एनसीआर में पिछले वर्ष के मुकाबले रियल एस्टेट मार्केट में 50% का उछाल आया है। सरकार के कई प्रोजेक्ट भी इसकी बड़ी वजह हैं। - यश मिगलानी, एमडी, मिगसन ग्रुप आवासीय और वाणिज्यिक
- संपत्तियों में निवेश के लिए निवेशक काफी पूछताछ कर रहे हैं। रेडी टू मूव और बड़े घर की मांग ज्यादा है। - अमित जैन, निदेशक, महागुन
- पुराने करीब 5000 फ्लैट बचे हुए हैं। बचे हुए प्लॉट पर करीब 20 हजार फ्लैटों का निर्माण डेवलपर्स करेंगे। इसकी बिक्री होगी। - सुरेश गर्ग, क्रेडाई पश्चिमी यूपी के वाइस प्रेसिडेंट
- रेरा की वजह से अब कोई भी डेवलपर्स गलत जानकारी बाजार में नहीं दे सकता है। रेरा प्रोजेक्टों की निगरानी भी कर रहा है। इससे खरीदारों को फायदा होगा। - अमित मोदी, निदेशक, एबीए कॉर्प
- अब बिना परखे कोई भी खरीदार फ्लैट नहीं खरीदता। खरीदार प्रोजेक्ट साइट पर जाकर जांच करता है। इसके बाद नए फ्लैट खरीदने का फैसला करता है। - अभिषेक कुमार, अध्यक्ष, नेफोवा
- अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कम फ्लैट बचे हैं। लिहाजा मांग के अपेक्षा में सप्लाई कम है। इस वजह से यूनिटों की कीमतों में भी इजाफा हो रहा है। - मनोज गौड़, क्रेडाई एनसीआर के अध्यक्ष और गौड़ ग्रुप के सीएमडी