-नक्शा पास होने में पाई गई अनियमितता, अब हर माह की पांच तारीख तक भेजनी होगी विभाग वार प्रगाति रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। आवंटियों को बेहतर सुविधाएं दिए जाने को प्राधिकरण ने भले ही बड़े-बड़े दावे किए हो, लेकिन मंगलार को औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की समीक्षा बैठक में उसकी पोल खुल गई। नक्शा पास होने में अनियमितता पाई गई। इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने आवंटियों और किसानों के काम में एकरूपता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ऐसा नहीं हो कि एक व्यक्ति का काम एक घंटे में हो जाए और एक व्यक्ति एक माह तक प्राधिकरण के चक्कर काटता रहे।
मंगलवार को समीक्षा बैठक में पाया गया कि कुछ नक्शे एक दिन में पास हो रहे हैं। जबकि कुछ को पास होने में 30 से 40 दिन लग रहे हैं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मंत्री ने अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने व्यवस्था को सुधारने के लिए हर माह की पांच तारीख को समीक्षा करने की बात कही। वहीं, बैठक में ग्लोबल इनवेस्ट समिट में मिले निवेश को धरातल पर उतारने पर जोर दिया गया। गंगाजल परियोजना के तहत सभी सेक्टरों तक गंगाजल शीघ्र पहुंचाने को कहा। उन्होंने सीईओ रवि कुमार एनजी को निर्देश दिए कि वह सभी समस्याओं को दूर करने के लिए समीक्षा करें।
बकाएदारों पर होगी सख्त कार्रवाई-
बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा, जिन बिल्डरों पर 100 करोड़ रुपये व इससे अधिक राशि बकाया है उनके खिलाफ आरसी जारी की जाए। जिनकी आरसी जारी हो चुकी है उनको अगले स्टेटस के लिए नोटिस भेजा जाए और फिर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाए। औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अनिल सागर, एसीईओ पुलकित खरे, एसीईओ मेधा रूपम, एसीईओ अमनदीप डुली, एसीईओ आशुतोष द्विवेदी और ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव समेत सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
रिहायशी और औद्योगिक सेक्टरों का किया भ्रमण
कैबिनेट मंत्री ने कुछ रिहायशी और कुछ औद्योगिक सेक्टरों का भ्रमण किया। आवंटियों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को रखरखाव कार्यों को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और सीवर की समस्याएं सोशल मीडिया पर उनके सामने आई हैं। इसलिए शहर में स्वच्छता के साथ सीवर समेत अन्य समस्याओं को गंभीरता से दूर करने के निर्देश दिए।