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Noida News: प्राधिकरण जल्द लाएगा होटल, रेस्तरां और मॉल के लिए प्लॉट स्कीम

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प्राधिकरण जल्द लाएगा होटल, रेस्तरां और मॉल के लिए भूखंड योजना
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- वेव ग्रुप से जमीन वापस लेने के बाद अब प्राधिकरण ने बनाई कार्ययोजना, आवासीय फ्लैटों के लिए भी आएगी स्कीम
- 4.5 लाख वर्गमीटर के प्लॉट को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर लाई जाएगी योजना



माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-25 ए और 32 में प्राधिकरण जल्द ही वाणिज्यिक स्कीम के तहत बिल्डर प्लॉट की स्कीम लाएगा। इसमें होटल, रेस्तरां, मॉल और आवासीय प्लॉट शामिल होंगे। वेव ग्रुप से वापस लेने के बाद 4.54 लाख वर्गमीटर जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कर प्लॉट की स्कीम निकाली जाएगी।
इससे पहले नियोजन विभाग की ओर से इस जमीन को वाणिज्यिक विभाग की मांग के अनुसार छोटे-छोटे टुकड़ों में प्लॉट को बांटा गया, फिर इसके विकास की रूपरेखा खींची गई। इसे प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी की मंजूरी के बाद वाणिज्यिक विभाग को भेजा गया। इस जमीन पर होटल, रेस्तरां, मॉल, वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स और आवासीय निर्माण हो सकेंगे। इस बार की योजना में 10 हजार वर्गमीटर तक के प्लॉट उपलब्ध होंगे। वहीं अधिकतम 60 हजार वर्गमीटर के प्लॉट हैं। हालांकि आवासीय निर्माण के लिए 40 हजार वर्गमीटर से ऊपर के प्लॉट स्कीम में बिल्डरों को आवेदन करना होगा।
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छोटे प्लॉट बेचने में नहीं होगी परेशानी

प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि एक साथ 4.5 लाख वर्गमीटर वाणिज्यिक जमीन को बेचना मौजूदा समय में आसान नहीं है। ज्यादा टुकड़े कर इसे बेचने की कोशिश की जाएगी। इस वजह से कई अन्य निवेशकों को भी मौका मिलेगा। साथ ही उनको एक साथ ज्यादा रकम नहीं लगानी पड़ेगी।


7000 करोड़ से ज्यादा के राजस्व की उम्मीद

अगर प्राधिकरण इस जमीन को बेचने में सफल हो जाता है तो उसके पास 7000 करोड़ से भी ज्यादा का राजस्व आ जाएगा। प्राधिकरण इस जमीन को बेचने की भरसक कोशिश करेगा। यह जमीन नोएडा के केंद्र में है और इसे लेने के लिए निवेशक आकर्षित हो सकते हैं।
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यह है इस प्लॉट की कहानी
मार्च 2011 में सेक्टर-25ए और 32 में वेव बिल्डर को 6,14,000 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन किया गया था। विकसित न कर पाने की हालत में वेव ने प्रोजेक्ट सेटेलमेंट पॉलिसी के अंतर्गत 2016 में जमीन वापसी का प्रस्ताव रखा। हालांकि, उस दौरान तकनीकी वजहों से वापसी का काम नहीं हो पाया। फिर पीएसपी के तहत वेव ने 4.5 लाख वर्गमीटर जमीन वापसी के लिए आवेदन किया। इसी जमीन को नोएडा प्राधिकरण ने बाद में वापस लिया है और अब इसे बेचने की कोशिश की जा रही है।
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