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Noida News: एजेंसी चयन नहीं होने से प्राधिकरण को सात करोड़ का नुकसान

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एजेंसी चयन नहीं होने से प्राधिकरण को सात करोड़ का नुकसान
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सरफेस पार्किंग के लिए 10 माह से चल रही एजेंसी चयन की प्रक्रिया तीन टेंडरों के मामले कोर्ट में, दो टेंडर लंबित

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा में 54 स्थानों पर 10 माह से सरफेस पार्किंग का ठेका नहीं लगने की वजह से करीब सात करोड़ का नुकसान हो चुका है। इन सभी पार्किंग से पहले 60 लाख रुपये प्रतिमाह का राजस्व मिलता था। इस बार प्राधिकरण का लक्ष्य 70 लाख रुपये प्रतिमाह के राजस्व का है, लेकिन एजेंसी का चयन नहीं होने से लोगों को यह पार्किंग निशुल्क मिल रही है। अब भी पार्किंग ठेके का काम ठंडे बस्ते में है।
अक्तूबर 2022 में सरफेस पार्किंग के पुराने ठेके की मियाद खत्म हो गई। इसके बाद प्राधिकरण ने टेंडर निकालकर एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी करनी चाही, लेकिन इसमें कई बाधाएं आईं। मामले में कभी ठेकेदार के चयन में गड़बड़ी तो कभी ठेकेदारों के ही एक दूसरे के खिलाफ की गई शिकायत बाधक बनकर सामने आई। आलम यह है कि तीन टेंडरों के मामले कोर्ट में है। इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं, दो टेंडरों के मामलों को इसलिए रोक लिया गया है कि जब फैसला होगा तो सभी का ठेका एक साथ दिया जाएगा।
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इससे पहले पार्किंग ठेकेदारों की ओर से प्राधिकरण के 20 करोड़ रुपये नहीं देने की बात भी सामने आई थी। इस मामले में प्राधिकरण की ओर से कड़े कदम भी उठाए गए थे, हालांकि ठेकेदारों का तर्क था कि इसमें प्राधिकरण का पैसा नहीं बन रहा है, लेकिन अधिकारियों ने ठेकेदारों की ओर से की गई गड़बड़ी सामने लाई गई थी। यही वजह है कि पुराने टेंडर को दोबारा उन ठेकेदारों को नहीं दिया गया।
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अब जब नए ठेकेदार खोजे जाने लगे तो पुराने ठेकेदारों ने अपने संगी साथियों व परिजनों के नाम से ठेका लेने का प्रयास किया, जो पकड़ में आ गया। कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसमें नोएडा ट्रैफिक सेल के कुछ अधिकारियों ने अपनी मनमानी चलानी चाही, लेकिन यह भी नहीं हो पाया। उनकी भी शिकायतें तत्कालीन सीईओ के पास पहुंची। ऐसे में यह ठेका अब तक फाइनल नहीं हो पाया।
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