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Anil Dujana: दुजाना को तो जाना ही था, UP सरकार की सूची से एक और गैंगस्टर का पत्ता साफ, अब छह बाकी

Thu, 04 May 2023 05:55 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोए़डा

सार

Anil Dujana Killed in Encounter: एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि अनिल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसके चलते उसकी तलाश शुरू की। इसी क्रम में उसके मेरठ में छिपे होने की सूचना मिली थी। 
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Anil Dujana Killed in Encounter - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना उर्फ अनिल नागर को यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को मुठभेड़ में मार गिराया। यूपी एसटीएफ की टीम ने इस कार्रवाई को मेरठ में अंजाम दिया। अनिल दुजाना पर यूपी समेत अन्य राज्यों में 60 से अधिक हत्या, रंगदारी, फिरौती आदि के केस दर्ज थे। बादलपुर का दुजाना गांव कभी कुख्यात सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू के नाम से जाना जाता था। 

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बता दें कि गौतमबुद्धनगर के सात गैंग और गैंगस्टर पर तेज व प्रभावी कार्रवाई करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने पहले ही तैयारी कर रखी थी। इसमें अनिल दुजाना का नाम थी शामिल था। प्रदेश सरकार की तरफ से माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में राज्य भर के 66 माफिया की लिस्ट बनाई गई है। इनमें सात गौतमबुद्धनगर के थे। इस सूची में अब छह गैंग बचे हैं। 

प्रदेश सरकार की तरफ से हाल में ही प्रदेश भर के 66 गैंगस्टर की लिस्ट बनाई गई थी। इनमें सात गैंगस्टर गौतमबुद्धनगर से थे। इनमें सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, रणदीप भाटी, सिंहराज भाटी, अनिल कसाना, अनिल भाटी व मनोज उर्फ आसे का नाम शामिल हैं। इनमें से अनिल दुजाना का आज अंत हो गया। 

नोएडा व ग्रेटर नोएडा में नब्बे के दशक में जो गैंगवार शुरू हुई थी। इनमें से अधिकतर गैंगस्टर उन्हीं गैंगवार के उपज हैं या उनकी अगली पीढ़ी के हैं। गौतमबुद्धनगर के ये गैंगस्टर जनपद के बाहर भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। ये बदमाश स्क्रैप, सरिया, पार्किंग, ट्रांसपोर्ट से लेकर जमीन कब्जा करने के मामलों में शामिल रहे हैं और यही इन गिरोह की आर्थिक रीढ़ रही है। 

अब कमिश्नरेट पुलिस इन गैंगस्टर के छोटे-छोटे से गुर्गों के बारे में पता लगा रही है और उनकी सूची तैयार कर उन पर कार्रवाई करने की योजना को अंतिम रूप दे रही है। इसके लिए कुछ स्तर पर काम शुरू भी हो गया है। कमिश्नरेट पुलिस इन सूचीबद्ध गैंग की अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को जब्त करना शुरू भी कर दिया है। 

गौतमबुद्धनगर में बचे अब ये छह गैंगस्टर 
1. सुंदर भाटी: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपराध की दुनिया का सबसे बड़ा नाम है। यह ग्रेटर नोएडा के घंघोला गांव का रहने वाला है। यह 1990 के बाद से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है। वर्तमान में सुंदर भाटी सोनभद्र जेल में बंद है। अतीक- अशरफ हत्याकांड के आरोपियों से भी इसका नाम जुड़ा था।

2. अनिल भाटी: यह कुख्यात सुंदर भाटी का भतीजा है और अब सुंदर गैंग को सक्रिय रूप से देखता है। हालांकि यह दिल्ली की जेल में बंद है। सुंदर भाटी की उम्र होने के बाद उसका आर्थिक व क्राइम के साम्राज्य में इसका काफी दखल है।

3. सिंहराज भाटी: यह भी कुख्यात सुंदर भाटी के रिश्ते में भतीजा लगता है। इसने भी सुंदर के साथ मिलकर अपराध की दुनिया में बड़ा गिरोह खड़ा किया और आर्थिक स्थिति को भी बेहतर किया है। यह भी जेल में बंद है। इसका पश्चिमी यूपी से लेकर आसपास के राज्यों के गैंग से बेहतर संबंध रहा है।

4. अमित कसाना: अमित कसाना पश्चिमी यूपी की जरायम की दुनिया का बड़ा नाम है। ग्रेटर नोएडा में नब्बे की दशक में इसके मामा नरेश भाटी की हत्या की दी गई थी। तब वह सुंदर भाटी गिरोह से बदला लेने के लिए अपने मामा के गैंग को संभाला था। अमित कसाना भी दिल्ली की जेल में बंद है।

5. रणदीप भाटी: यह कुख्यात सरगना रहा नरेश भाटी का छोटा भाई है। यह भी जनपद का बड़ा गैंगस्टर है और कई गिरोह के साथ इसके गुर्गों के संबंध हैं। इसने भी अवैध तरीके से आर्थिक संपन्नता हासिल की है। यह भी जेल में बंद है।
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6. मनोज उर्फ आसे: यह इन सबसे नया गैंगस्टर है। यह ग्रेटर नोएडा के इमलिया गांव का रहने वाला है और अभी फरार चल रहा है। इसका गैंग कुछ महीने ही पंजीकृत हुआ है। इस पर भी हत्या, रंगदारी जैसे संगीन कई मुकदमें दर्ज हैं।
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