नोएडा सोशल मीडिया पर सितारे बनकर चमकते होनहार चेहरों की सफलता का सफर आसान नहीं है। लेकिन फिर भी कई लोग हैं जो लाखों दिलों पर राज करते हैं। शहर के ऐसे ही कुछ सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर शुक्रवार को सेक्टर 59 स्थित अमर उजाला दफ्तर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने सफर व उसमें आई अड़चनों और कामयाबी के किस्सों को साझा किए। इंफ्लूएंसर के अनुसार बिना सही रिसर्च स्थायी सफलता आसान नहीं। कई लोग रातोरात वायरल होकर चमकते और उतनी ही जल्दी नजरों से ओझल भी हो जाते हैं। सही जानकारी लेकर निरंतरता के साथ आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है।
नए क्रिएटर रखें ख्याल
इंफ्लूएंसर मीट में पहुंचे क्रिएटर्स के अनुसार यदि आप सोशल मीडिया पर सफल होना चाह रहे हैं तो ध्यान रखें कि शार्ट कट से मिली सफलता स्थायी नहीं होती है। कॉपी पेस्ट कंटेंट, फर्जी फॉलोवर, गलत ब्रांड का प्रमोशन आपको आगे चलकर नुकसान पहुंचाता है। आज जिन चीजों के बारे में पोस्ट करना चाहते हैं, उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा पढ़ें व रिसर्च करें। ब्लॉगर, इंफ्लूएंसर, क्रिएटर का अंतर समझे। तीनों सोशल मीडिया से जुड़े शब्द हैं, लेकिन काम के तरीके अलग हैं। तकनीकी तौर पर खुद को अपडेट रखें। निगेटिव कमेंट को नजरअंदाज करना सीखे। झूठे दावों व वादों से बचें। यदि घर में बच्चे छोटे हैं तो उनके सोशल मीडिया पोस्ट के लिए समय निर्धारित रखें। पोस्ट के लिए समय अपनी ऑडियंस के अनुसार चुने और निरंतरता के साथ पोस्ट डालें।
फैशन में दिलचस्पी ने दिखाई राह
मैं 11 साल तक जेट एयरवेज में केबिन क्रू रही। जिसके बाद रेडिसन, लीला ग्रुप जैसे होटलों के साथ काम कर चुकी हूं। शादी व जुड़वा बच्चों की मां बनने के बाद मैंने रेगुलर जॉब छोड़ी ताकि बच्चों को ज्यादा समय दे सकूं। लेकिन खाली बैठना या कुछ ना करना पसंद नहीं था। मेरी हमेशा से फैशन, मॉडलिंग में दिलचस्पी रही है। सोचा इसी शौक को खाली मिले वक्त में पूरा करूं। एक साल पहले शुरू हुआ मेरा इंस्टाग्राम का सफर तेजी से आगे बढ़ा। मैंने सीखा है कि एक निश्चित समयातंराल पर पोस्ट डालते रहना बहुत जरूरी है। वर्ना आप जल्द ही अपनी फॉलोइंग खोने लगते हैं। - मानवी @imsijwal(23.4k) इंस्टाग्राम
हमेशा रही आत्मनिर्भरता की चाह
मैंने हमेशा आत्मनिर्भर रहने को प्राथमिकता दी है। काफी कम उम्र में न्यूज रीडिंग वगैरह से कमाई शुरू कर दी थी। मैं करियर के मामले में नए नए रिस्क उठाने व चैलेंज लेने से भी नहीं हिचकती थी। लेकिन शादी फिर बच्चे आदि जिम्मेदारियों के बीच धीरे धीरे खुद के लिए समय मिलना मुश्किल होने लगा। जब मैं दूसरी बार गर्भवती थी तो एक दिन लगा कि अब मेरा जीवन ऐसे पड़ाव पर है जहां मेरे पास ज्यादा मौके नहीं रह गए हैं। मैंने अपने अनुभवों को लिखा और सोशल मीडिया पर शेयर किया। जिसके बाद मुझे लोगों से काफी अच्छा रिस्पांस मिलने के साथ ही एक नई कमाई का विकल्प भी मिल चुका था। -( लाइफ स्टाइल ) स्वाती -@alluringidol(88.1k) इंस्टाग्राम
सामाजिक कामों में हमेशा रही रुचि
मुझे क्राफ्ट बनाना बेहद पसंद है, इसके लिए मैंने ट्रेनिंग भी ले है और दूसरों को प्रशिक्षित भी करती हूं। कोविड में जब प्रशिक्षण मुश्किल हो गया तो मैंने सोशल मीडिया को क्राफ्ट सिखाने के माध्यम के रूप में चुना। लोगों का अच्छा रिस्पांस आने पर यह सिलसिला बढ़ता गया। मुझे हमेशा से राजनीति, समाज आदि में दिलचस्पी रही है। आसपास क्या हो रहा है उसमें सक्रिय भूमिका निभाना पसंद है। ऐसे में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर बनकर मैं और विषयों के बारे में भी पोस्ट करने लगी। सोसाइटी में महिलाओं के ग्रुप बनाकर उन्हें तरह तरह के काम व सोशल मीडिया से जोड़ना भी मुझे पसंद है। -(क्राफ्ट क्रिएटर) कल्पना - @easy to make (35k) फेसबुक
बदलाव का जरिया भी है सोशल मीडिया
मैं एनिमेशन फील्ड से हूं। जॉब के साथ फ्री वक्त में टिकटॉक बनाती थी। जब टिकटॉक बैन हुआ तो इंस्टाग्राम पर सक्रिय हो गए। मैं कई सामाजिक संगठनों से जुड़ी हूं। एक सकारात्मक बदलाव के लिए पहल करना, लोगों की मदद करना मुझे बेहद पसंद है। सोशल मीडिया भी इसमें मेरे लिए मददगार बनता है। जब आप एक पहचाना हुआ चेहरा होते हैं तो लोग आप पर भरोसा करते हैं आपसे जुड़ते हैं। नोएडा में सखा एक पहल, शीरोज जैसी संस्थाओं से जुड़कर मैं सामाजिक कार्य करती रहती हूं। साथ ही जो कुछ करती हूं। घूमना, खाना आदि लाइफ स्टाइल पोस्ट डालते रहना मुझे पसंद है। -(लाइफ स्टाइल) खुशबू - @iam_khushboovk(182 k) इंस्टाग्राम
जिंदगी की दिक्कतों से ना माने हार
मुझ पर एसिड अटैक होने के बाद पिता बीमार रहने लगे और कुछ समय बाद मैंने उन्हें खो दिया। इसके बाद मां को कैंसर हुआ तो अस्पतालों के चक्कर काटने में वक्त बीतने लगा। इन सबके बीच टिकटॉक या इंस्टाग्राम पर वीडियो देखकर व बनाकर थोड़ा अपने लिए खुशी बटोर लेती थी। मेरी उम्मीद से ज्यादा सोशल मीडिया ने मुझे एक पहचान दी। मुझे छपाक फिल्म में दीपिका पादुकोण के साथ काम करने व जगह जगह रैंप वॉक के ऑफर मिले। अपने जैसी अन्य एसिड अटैक सर्वाइवर को सहयोग व प्रोत्साहन देना मेरा पहला लक्ष्य है। मैं यही कहूंगी कि जिंदगी की दिक्कतों से हार नहीं माननी चाहिए। -(सोशल एक्टिविस्ट) रितु सैनी - @ritusaa (23.7k) इंस्टाग्राम