बकायेदार बिल्डर के आंवटन होंगे निरस्त, संपत्ति का भी सर्वे शुरू
-अन्य बकायेदार आवंटियों के खिलाफ भी जानकारी जुटाने के दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आवंटित भूखंड के एवज में बकाया धनराशि न देने और प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ने वाले बिल्डरों के आवंटन निरस्त किए जाएंगे। इनकी संपत्ति की जांच भी प्राधिकरण ने शुरू करा दी है और जल्द ही सर्वे पूरा होने के साथ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। बुधवार को सीईओ रितु माहेश्वरी ने बिल्डर, वाणिज्यकर, उद्योग व संस्थागत विभाग की समीक्षा की।
दरअसल, प्राधिकरण बिल्डरों को आवंटित भूखंडों पर निर्माण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए करी एंड ब्राउन एजेंसी से सर्वे करा रहा है। एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण निर्णय लेगा। जिन बिल्डरों ने अभी तक काम शुरू भी नहीं किया है, जबकि प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय बीत चुका है और प्राधिकरण का पैसा भी नहीं दे रहे, ऐसे बिल्डरों के आवंटनों को प्राथमिकता से निरस्त किया जाएगा। कोर्ट या एनसीएलटी में चल रहे प्रकरणों पर इस तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। बिल्डर प्रोजेक्टों के जिन टावरों में लोग रह रहे हैं, उन पर भी यह कार्रवाई नहीं होगी। ऐसे भूखंडों को कब्जे में लेकर नई स्कीम का आवंटन किया जाएगा।
इसी तरह अन्य संपत्तियों के बड़े बकाएदारों के आवंटनों को भी निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जिन उद्यमियों ने भूखंड लेने के बाद नक्शा भी पास नहीं कराया है। उनका आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कंप्लीशन व फंक्शनल सर्टिफिकेट के बिना चल रहे उद्योगों को भी प्राधिकरण नोटिस जारी करेगा, फिर भी नहीं माने तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इन समीक्षा बैठकों में एसीईओ अदिति सिंह, एसीईओ मेधा रूपम, एसीईओ आनंद वर्धन, ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव, ओएसडी हिमांशु वर्मा व ओएसडी विशु राजा आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।
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ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए स्कीम लाने के निर्देश
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में ग्रेटर नोएडा की भागीदारी के लिए भी विभागों की समीक्षा करते हुए सीईओ ने बिल्डर, कॉमर्शियल, संस्थागत व उद्योग विभागों को औद्योगिक भूखंडों, शॉप/क्योस्क, पेट्रोल पंप आदि की स्कीम लाने के निर्देश दिए। वहीं ग्रेनो प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी का बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देने का फार्मूला काम आ गया। चार दिन में बिल्डरों ने अब तक पांच हजार खरीदारों की रजिस्ट्री करा दी है। इससे खरीदारों को फ्लैट पर मालिकाना हक मिलना शुरू हो गया है।