आईएसबीटी कश्मीरी गेट आने वाली अंतरराज्यीय बसों को सिंघु बॉर्डर पर रोका जाएगा
20 : हजार लोग बाढ़ राहत कैंप में रह रहे हैं
50 : वोट का इंतजाम लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना की अध्यक्षता में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में कई निर्णय लिए गए। स्थिति की समीक्षा करने के बादडीडीएमए ने एडवाइजरी जारी किया है।
बैठक में राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पीने का पानी, चिकित्सा सहायता और मोबाइल शौचालय सुनिश्चित कराने का निर्देश जारी किया गया। साथ ही आईएसबीटी, कश्मीरी गेट आने वाली अंतरराज्यीय बसों को सिंधु बॉर्डर पर रोका जाएगा। वहां से यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए डीटीसी बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रभावित क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन के लिए कर्मियों की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। चिल्ला, लोनी और बदरपुर बॉर्डर पर केवल आवश्यक सामान ले जाने वाले भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया जाएगा।
बैठक में मौजूद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से दिल्ली में एक-दो दिन पानी की दिक्कत हो सकती है। बाढ़ राहत कैंप के लोगों को शौचालय की समस्या को देखते हुए स्कूलों में शिफ्ट किया जा रहा है। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बने राहत केंद्रों में करीब 20 हजार लोग हैं। 50 से अधिक नावों के इंतजाम किए गए हैं।
कश्मीरी गेट और पास के प्रतिष्ठानों को बंद रखने का निर्देश
इसी तरह कश्मीरी गेट और उसके आसपास के व्यापारिक, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को स्थिति में सुधार होने तक बंद रखने के लिए कहा गया है। बाढ़ के प्रति संवेदनशील सोनिया विहार, मुखर्जी नगर, हकीकत नगर क्षेत्रों में एहतियाती और सक्रिय राहत और निवारक उपाय किए जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी नियंत्रण कक्ष पूर्ण समन्वय के साथ काम करें। जल स्तर बढ़ने के कारण इनके आसपास के श्मशानों को बंद कर दिया गया है, ताकि तैयारी की स्थिति में रहें।
अपील : अनावश्यक यात्रा से करें परहेज
स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को किसी भी स्थिति के प्रति सतर्क रहने और पानी कम होने पर स्थिति को संभालने के लिए तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। शहरवासियों से सामान्य अपील है कि वे अनावश्यक यात्रा एवं आवागमन से बचें। डीडीएमए की बैठक में उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री के अलावा राजस्व मंत्री आतिशी, जल, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री सौरभ भारद्वाज के साथ मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एनडीआरएफ के महानिदेशक, एनडीएमए, सीडब्ल्यूसी और आईएमडी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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