ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज ऑफ साइंस टेक्नोलॉजी में राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें कई राज्यों से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि भारत 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रो (डॉ.) दिनेश चहल ने बताया कि एआई जैसे अत्याधुनिक तकनीकों का एकीकरण छात्रों को अधिक सृजनात्मकता, विश्लेषणात्मक क्षमताओं और जटिल समस्याओं के समाधान में समर्थ बनाता है। आईआईएमटी कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की निदेशक डॉ. पूनम पांडेय ने कहा कि हमें सामूहिक प्रयासों, नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान और नैतिक मूल्यों के आधार पर भारत को एक वैश्विक नेतृत्वशील राष्ट्र के रूप में स्थापित करना होगा। इस मौके पर डॉ. ओम प्रकाश, डॉ. हर्षित सिंह, डॉ. चंद्र शेखर यादव, इंदु जैन मुक्ता तिवारी, डॉ. निशांत आर्या, डॉ. दिशा विद्यार्थी आदि मौजूद रहे। ब्यूरो