77 दिन बाद झाकड़ी में थमी परियोजना मजदूर यूनियन की हड़ताल। स्रोत : यूनियन
एएलसी चंडीगढ़ की उपस्थिति में मजदूरों की मांगों पर हुआ लिखित समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
एसजेवीएनएल प्रबंधन के खिलाफ मजदूर यूनियनों का रोष प्रदर्शन 77 दिन बाद मंगलवार को समाप्त हो गया। एसजेवीएनएल कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन 1500 मेगावाट संबंधित सीटू, रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन 412 मेगावाट कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू और लूहरी हाइड्रो 210 मेगावाट कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू ने एक जुलाई को धरना प्रदर्शन शुरू किया था। मंगलवार को एसजेवीएनएल प्रबंधन और मजदूर यूनियनों के बीच बैठक हुई और एएलसी चंडीगढ़ की उपस्थिति में मजदूरों की लंबित मांगों पर सहमति बनी। प्रबंधन और यूनियनों के बीच लिखित समझौते के बाद मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। बायल और झाकड़ी में सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा, अमित, बालकराम, नीलदत, कामराज, गुरदास, तिलक, मिलाप नेगी, प्रमोद, किसान सभा जिला सचिव देवकी नंद और दयाल भाटनु ने कहा कि सीटू हमेशा औद्योगिक शांति की पक्षधर रही है। नवरत्न कंपनी एसजेवीएनएल 1500 मेगावाट, 412 मेगावाट और 210 मेगावाट में ठेकेदार के माध्यम से रखे ठेका मजदूरों की मांग को लेकर 23 जून, 2023 को एसजेवीएनल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा गया था। दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी प्रबंधन ने मजदूरों की मांगें नहीं मानीं। इसके बाद एक जुलाई, 2025 से मजदूरों ने शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया और अपनी मांगों को प्रबंधन के समक्ष उठाया। मजदूर नेताओं ने कहा कि कई मजदूर परियोजना में 60 साल काम करने के बाद सेवा से मुक्त हो गए हैं। मजदूरों को सेवा समाप्ति के बाद कोई सेवा लाभ नहीं मिल रहा है। मजदूरों के हकों को कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि समझौता वार्ता में जो मुद्दे एसजेवीएनएल के उच्च प्रबंधन के समक्ष रखे गए थे, उस पर सहमति बन गई है। मजदूरों का बीमा एक जनवरी 2025 से लागू किया जाएगा। ग्रेच्युटी पर निर्णय बीओडी की अगली बैठक में लिया जाएगा। यह बैठक 3 महीने के अंदर होगी। इसके अलावा श्रम कानूनों को लागू करने से संबंधित, काम के आधार पर पद और प्रमोशन पॉलिसी के मुद्दे को लेकर भी 1500 व 412 मेगावाट के स्थानीय प्रबंधन के साथ बैठक होगी। इस बैठक के लिए भी तिथि लिखित में तय की गई है। मजदूर नेताओं ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि लिखित समझौते को लागू करने में या मजदूरों किसी भी प्रकार का नुकसान करने की कोशिश की, तो यूनियन फिर से आंदोलन करेगी।