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Noida News: गोल्फ कोर्स के बाद हेलीपोर्ट परियोजना में भी लगा जमीन का अड़ंगा

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गोल्फ कोर्स के बाद हेलीपोर्ट परियोजना में भी लगा जमीन का अड़ंगा
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- अब तक पूरी जमीन का नहीं हुआ अधिग्रहण-बिना पूरी जमीन अधिग्रहण के निकाला जा रहा टेंडर
-गोल्फ कोर्स में भी जमीन अधिग्रहण का काम पूरा


माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-151ए में गोल्फ कोर्स के बाद अब हेलीपोर्ट परियोजना में भी जमीन का अंडगा नजर आ रहा है। नोएडा प्राधिकरण के भूलेख विभाग की ओर से किसानों से वार्ता की जा रही है। लेकिन इसका कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। खास बात यह कि जमीन के अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हुआ है। लेकिन हेलीपोर्ट का तीसरी बार टेंडर निकाला जा रहा है। इससे पहले गोल्फ कोर्स का काम भी जमीन के पूरी तरह से अधिग्रहण नहीं होने की वजह से फंसता नजर आ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक कामबख्शपुर में खसरा नंबर 74 और 295 क 7300 वर्गमीटर जमीन हेलीपोर्ट और गोल्फ कोर्स में आ रही है। इसमें किसानों से की गई वार्ता असफल रही है। किसान जमीन देने के लिए सहमत नहीं है। खसरा नंबर 99 और 101 की 2158 वर्गमीटर जमीन गोल्फ कोर्स के क्लब बिल्डिंग के समीप ड्राइविंग रेंज में आ रही है। किसान यहां के बदले दूसरी जगह जमीन मांग रहा है। हालांकि वार्ता के समय किसान नदारद रहा। इसके अलावा खसरा नंबर 96 और 98 की 9300 वर्गमीटर जमीन हेलीपोर्ट के पहुंच मार्ग और गोल्फ कोर्स की दीवार और गोल्फ ग्रीन्स में आ रही है। किसान ने इस जमीन को बेचने से इन्कार कर दिया है।
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खसरा नंबर 90 की 40 और 84 वर्गमीटर जमीन हेलीपोर्ट चहारदीवारी और गोल्फ ग्रीन्स में आ रही है। इस खसरे का मालिक प्राधिकरण के साथ वार्ता के लिए उपस्थित नहीं हुआ। खसरा नंबर 106 और 107 की 600 वर्गमीटर जमीन हेलीपोर्ट की चहारदीवारी और गोल्फ कोर्स की गोल्फ ग्रीन्स में आ रही है। किसान का कहना है कि जमीन का आकलन दोबारा किया जाए। वार्ता के दौरान किसान मौके से नदारद रहा। खसरा नंबर 91 की 1450 वर्गमीटर जमीन पर हेलीपोर्ट के पहुंच मार्ग के लिए 18 मीटर चौड़ी पुश्ते से लगी सड़क को खरीदा जाना है। लेकिन किसान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ।
खसरा नंबर 68 की 2250 वर्गमीटर जमीन हेलीपोर्ट पहुंच मार्ग और गोल्फ ग्रीन्स में आ रही है। यहां नोएडा की ओर 26667 वर्गमीटर जमीन खरीदी जा चुकी है। यहां भी जमीन का विवाद है। इसके अलावा झट्टा गांव के खसरा संख्या 456 की जमीन हेलीपोर्ट पहुंच मार्ग के लिए आवश्यक है। लेकिन इस जमीन का मालिक बातचीत के लिए उपलब्ध नहीं हो पाया।
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इस तरह की बाधाएं गोल्फ कोर्स और हेलीपोर्ट परियोजना में आ रही है। गोल्फ कोर्स का करीब आधा काम हो चुका है। अब आधा काम बचा हुआ है। बचे हुए काम को पूरा करने के लिए जमीन का अधिग्रहण आवश्यक है। प्राधिकरण की कोशिश है कि बचे हुए जमीनों का अधिग्रहण जल्द से जल्द हो सके।
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