कोरोना के इलाज के नाम पर अधिक पैसे लेने का आरोप
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के एक निजी अस्पताल पर कोविड-19 के इलाज में नियमों की अनदेखी का आरोप लगा है। डिस्चार्ज होकर निकले मरीज का आरोप है कि अस्पताल ने चार दिन का 80 हजार रुपये बना दिया। जबकि, सरकार ने दस हजार रुपये एक दिन का तय किया है। बीमा कंपनी ने तय दरों के अलावा बिल का भुगतान करने से इंकार कर दिया। इस कारण पीड़ित को डिस्चार्ज होने में 12 घंटे लग गए। पीड़ित और नेफोवा ने अस्पताल की शिकायत सीएम और डीएम से की है। चेरी काउंटी सोसाइटी के निवासी आदर्श तिवारी का कहना है कि सोसाइटी में 10 जुलाई को कोविड-19 का टेस्ट कराया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। 12 जुलाई को ग्रेनो वेस्ट के एक निजी अस्पताल में पत्नी के साथ भर्ती हुआ था। चार दिन बाद रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। इलाज के दौरान कंपनी से मिले मेडिकल इंश्योरेंस कार्ड का प्रयोग किया था। 17 जुलाई सुबह करीब साढ़े आठ बजे छुट्टी की प्रक्रिया शुरू की। अस्पताल ने 80 हजार रुपये का बिल थमा दिया। जबकि, सरकार ने आइसोलेशन बेड का खर्च दस हजार रुपये तय किया है। उसी के आधार पर बीमा कंपनी ने भुगतान करने से इंकार कर दिया। कंपनी पहले करीब 40 हजार रुपये का बिल दे रही थी। बाद में काफी बातचीत के बाद 70 हजार का भुगतान किया। बाकी धनराशि उसने अपने जेब से जमा की। उन्होंने ट्विटर पर सरकार से नियमों के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी है। वहीं नेफोवा ने भी ट्विटर पर डीएम से अस्पताल की शिकायत की है।