आरोपी वादी कंपनी में रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग में डेवलपर था
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने गोपनीय डाटा चुराकर प्रतिस्पर्धी कंपनी खड़ी करने के आरोपी कार्तिक चौहान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। सेक्टर-58 थाने में दर्ज मामले के अनुसार आरोपी कार्तिक चौहान वादी कंपनी में रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग में डेवलपर के पद पर नियुक्त था। नियुक्ति के समय उसने कंपनी के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत नौकरी छोड़ने के बाद दो वर्ष तक किसी प्रतिस्पर्धी कंपनी में काम न करने, स्वयं कोई प्रतिस्पर्धी कंपनी न बनाने और कंपनी के गोपनीय डाटा और अभिलेखों को साझा या उपयोग न करने की शर्त तय हुई थी। नौकरी में रहते हुए ही चौहान ने कंपनी में सुपरवाइजर पद पर तैनात सह-आरोपी रंजीत महापात्रा के साथ मिलकर धोखाधड़ी की। रंजीत के नाम से 2 जून 2026 को वादी कंपनी के समान व्यवसाय की एक नई कंपनी वोल्ट्रिक्स ऑटोमोटिव पंजीकृत करा ली गई। इसके बाद कंपनी की तकनीकी ड्राइंग का इस्तेमाल कर गोपनीय ग्राहक डाटा के जरिये ग्राहकों को माल भेजने के ऑर्डर लिए गए। आरोपी के मोबाइल की व्हाट्सएप चैट में भी वादी कंपनी के ग्राहकों को माल उपलब्ध कराने से जुड़ी बातचीत मिली है। साथ ही नई कंपनी के नाम पर ऑर्डर लिए जाने के प्रमाण भी सामने आए हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि आरोपी को अग्रिम राहत देने से मना कर दिया।