प्रॉपर्टी डीलर सुखपाल की हत्या में आरोपी 24 घंटे बाद भी पकड़ से बाहर
- तनाव के माहौल देखते हुए अंतिम संस्कार के दौरान चार थानों की पुलिस रही मौजूद
- चौकी प्रभारी को हटाया गया, परिजनों ने मांग को लेकर डीएसपी को सौंपा ज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कासना में प्रॉपर्टी डीलर सुखपाल गौतम की हत्या के मामले में आरोपी 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ नहीं लग सके।तनाव के माहौल को देखते हुए शुक्रवार को चार थानों की टीम मौके पर मौजूद रही। जनप्रतिनिधियों ने मृतक के घर पहुंच कर सांत्वना और आरोपियों पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। डीसीपी ने भी मामले में लापरवाही के आरोपी जिम्स चौकी प्रभारी पंकज राठी को हटा दिया। इससे पहले भारी पुलिस बल के बीच बृहस्पतिवार रात को सुखपाल का अंतिम संस्कार किया गया।
डीसीपी साद मियां खान शुक्रवार को मृतक के घर पहुंचे। परिजनों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी, थाना प्रभारी व एसीपी पर भी कार्रवाई व 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग की। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने भी पीड़ित परिजन से मिलकर उनको सांत्वना दी। साथ ही हत्यारोपियों पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। वहीं, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
प्रॉपर्टी डीलर सुखपाल बृहस्पतिवार सुबह लगभग 11 बजे बाइक पर सवार होकर घोड़ी बछेड़ा गांव के पास कांशीराम कालोनी में किसी परिचित से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान नारायणा गोलचक्कर के पास अज्ञात हमलावरों ने उनकी पीछे से कमर व सिर में दो गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े रास्ते में वारदात कर आरोपी बेखौफ फरार हो गए। परिजन ने सरजीत, इंद्रजीत, उदयराम, महेंद्र, राजेंद्र, बली, सोरन, व बंटी के अलावा दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने आरोपियों के विषय में अहम सुराग हाथ लगने का दावा किया है। सुखपाल गौतम पर 16 दिसंबर को भी हमला हुआ था। लेकिन पुलिस ने उस दौरान कोई केस दर्ज नहीं किया था। हालांकि सुखपाल के गोली लगने की सूचना पर पुलिस ने उनका मेडिकल कराया था। इसमें कोई चोट नहीं आई थी। पुलिस ने दावा किया है कि सुखपाल ने चोट नहीं आने पर कोई लिखित शिकायत नहीं दी थी। वहीं, सुखपाल ने इस मामले में केस दर्ज कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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हमले से एक दिन पहले पकड़ा था हिस्ट्रीशीटर बंटी
16 दिसंबर को हमले के बाद सुखपाल गौतम ने कस्बे के हिस्ट्रीशीटर बंटी पर आरोप लगाया था। बंटी का किसी अन्य से इससे पहले झगड़ा हुआ था। इसमें सुखपाल ने पैरवी की थी। इसके बाद पुलिस ने 15 दिसंबर शांति भंग में बंटी को गिरफ्तार किया था। अगले दिन बंटी ने जमानत कराई थी। इसके बाद ही सुखपाल पर हमले का मामला सामने आया था। सुखपाल की हत्या के संबंध में पुरानी रंजिश के अलावा अन्य पहलुओं से भी पुलिस जांच कर रही है। सुखपाल कांशीराम कालोनी में क्यों और किसके पास जा रहे थे, इसकी भी जांच की जा रही है।
जिम्स चौकी प्रभारी को हटा दिया गया है। परिवार को आर्थिक मदद दिलाने के लिए प्रशासन से वार्ता की गई है। हत्यारोपियों के संबंध में कुछ सुराग हाथ लगे हैं, जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा।
- साद मियां खान, डीसीपी