श्रद्धा हत्याकांड
तीन-चार दिन तक शव के टुकड़े करता रहा
पहचान छिपाने के लिए सिर को छह माह बाद फेंका था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। श्रद्धा की हत्या करने के बाद आरोपी आफताब कुछ देर बैठा रहा। इसके बाद उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने की ठानी। उसने 17 मई को ही श्रद्धा के दोनों हाथ काट दिए थे। वह तीन से चार दिन तक श्रद्धा के शव के टुकड़े करता रहा था। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में ये बातें कहीं।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफताब ने महरौली से आरी व ब्लेड खरीदकर लगाया। उसने पहले दिन यानी 17 मई को श्रद्धा के दोनों हाथ काट दिए थे। आरोपी ने पूछताछ में कहा है कि उसने पहले दिन शव के दो टुकड़े इसलिए किए थे कि वह थक गया था। वह शारीरिक व मानसिक रूप से थक गया था। इसके बाद उसने खून आदि साफ करने के लिए केमिकल व अन्य सामान मंगाया। अगले दिन यानी 18 कई को सुबह 11.30 बजे उसने श्रद्धा के शव के फिर टुकड़े करना शुरू कर दिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी तीन से चार दिन तक श्रद्धा के शव के टुकड़े करता रहा।
इसके बाद उसने शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया था। उसने सिर को करीब छह महीने बाद जंगल में फेंका था। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए सिर को सबसे बाद में जंगल में फेंका था। हालांकि, पुलिस के पास ऐसा कोई गवाह नहीं है कि जिसने श्रद्धा की हत्या करने, शव के टुकड़े करते और ठिकाने लगाते देखा हो। ऐसे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस के पास सिर्फ परिस्थिति जन्य साक्ष्य हैं। इस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दिलवाने की कोशिश की जाएगी।