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Noida News: विधानसभा में आप विधायक ने रिश्वत के तौर पर मिलीं नोटों की गड्डियां लहराईं

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आंबेडकर अस्पताल में कर्मियों की भर्ती में गड़बड़ी पर चुप रहने के लिए ठेकेदार पर रिश्वत देने का आरोप
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विधायक ने दिल्ली पुलिस, मुख्य सचिव और उपराज्यपाल को भी अवगत कराने की जानकारी दी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विधानसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल ने नोटों की गड्डियां लहराईं। उन्होंने दावा किया उन्हें यह नोट रोहिणी स्थित दिल्ली सरकार के आंबेडकर अस्पताल में ठेके पर कर्मचारियों की भर्ती करने वाले ठेकेदार ने चुप रहने के लिए रिश्वत के तौर पर दिए हैं। अस्पताल में ठेके पर कर्मचारियों को भर्ती करने के दौरान ठेकेदार रिश्वत लेता है। इस संबंध में वे लगातार शिकायत कर रहे थे। महेंद्र ने कहा कि इस संबंध में वे दिल्ली पुलिस, मुख्य सचिव व उपराज्यपाल को भी अवगत करा चुके हैं, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महेंद्र गोयल ने विधानसभा में नियम 280 के तहत अंबेडकर अस्पताल में ठेके पर कर्मचारियों की भर्ती में गड़बड़ी का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सरकार के नियम के तहत 80 फीसदी पुराने कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखा जा रहा है। इसके अलावा कर्मचारियों को नौकरी देनेे के दौरान रिश्वत ली जाती है और पूरा वेतन भी नहीं दिया जाता। इस कारण ये कर्मचारी दवा, पर्ची, टेस्ट के नाम पर लोगों से उगाही करते हैं। कर्मचारियों ने शोषण के खिलाफ हड़ताल की तो मारपीट की गई। इसकी जानकारी होने पर उन्होंने दिल्ली पुलिस से शिकायत की। इसके बाद ठेकेदार ने उन्हें मनाने की कोशिश की। ऐसे में उन्होंने पूरे मामले का पर्दाफाश करने के लिए ठेकेदार से तालमेल किया तो चुप रहने के लिए ठेकेदार ने 15 लाख रुपये रिश्वत देने की बात की। विधानसभा में लाए गए नोट ठेकेदार ने रिश्वत की टोकन मनी के तौर पर दिए हैं। वे ठेकेदार को रंगेहाथ पकड़वाना चाहते थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब वे जान जोखिम में डालकर विधानसभा में इसका खुलासा कर रहे हैं। आरोपी इतने दबंग लोग हैं कि उनकी जान ले सकते हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच करानेे की मांग की। आप विधायक थैले में नोटों की गड्डियां लेकर आए थे और उन्होंने इन्हें लहराकर टेबल पर रख दिया। इसी बीच पूर्व मंत्री राजेंद्र गौतम ने सरकारी सेवाओं में ठेकेदारी प्रथा लागू करने का विरोध किया। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने इस मामले को विधानसभा की संबंधित समिति के पास भेजने का आश्वासन दिया।
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रिश्वत के आरोपों की कराई जाए सीबीआई जांच : बिधूड़ी
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने उपराज्यपाल से अनुरोध किया है कि विधायक महेंद्र गोयल के आरोपों की सीबीआई से जांच कराई जाए। उन्होंने विधानसभा में नोटों की गड्डियां लहराते हुए आरोप लगाया है कि आंबेडकर अस्पताल में कर्मचारियों की भर्ती के लिए उन्हें रिश्वत की पेशकश की गई थी। यह मामला काफी संदेहपूर्ण दिखाई दे रहा है और जनता को सारी सच्चाई का पता चलना चाहिए। जनता के मन में यह संदेह है कि अगर विधायक को रिश्वत देने की कोशिश की जा रही थी तो उसी समय उन्होंने आरोपियों को क्यों नहीं पकड़वाया। आखिर रिश्वत की राशि महेंद्र के पास कैसे रह गई। क्या रिश्वत देने वालों ने जबरन रिश्वत दी या फिर कुछ और मामला है। ऐसा संदेह पैदा हो रहा है कि रिश्वत की राशि पर सहमति न होने पर या फिर भेद खुलने के डर से मामला बनाया जा रहा हो।विधानसभा में आप के अनेक विधायकों ने भी मामले की जांच की मांग की और स्वयं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी घटना की भर्त्सना की है। ऐसे में सारे मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।
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