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नोएडा (संवाद)। सेक्टर-11 स्थित सामुदायिक भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन वाचिका चित्रलेखा ने श्रद्धालुओं को भक्ति और गुरु महिमा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चे सद्गुरु का मिलना स्वयं भगवान का संकेत होता है कि अब उनकी कृपा भी निकट है। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जीव जन्म लेते ही माया के बंधन में फंस जाता है और अपने कर्मों के अनुसार उसे फल भोगने पड़ते हैं। उन्होंने अजामिल की कथा सुनाते हुए बताया कि जीवन भर पाप करने के बावजूद अंत समय में नारायण नाम लेने से उसे मुक्ति प्राप्त हुई। कथा के अंत में उन्होंने हरि नाम के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्य को हर परिस्थिति में भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।