दहेज हत्या के दोषी ससुरालियों को 10-10 साल कैद
फरीदाबाद। विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी पति, देवर और सास-ससुर को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कंचन माही की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। इन दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि कपड़ा कॉलोनी एनआईटी निवासी विजय भूषण ने अपनी बेटी रूमन की शादी 12 नवंबर 2016 को नंगला एन्क्लेव पार्ट दो निवासी रविंद्र के बेटे रूपेश के साथ की थी। विजय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ससुराल जाने के बाद उसका पति व ससुराल पक्ष के अन्य लोग बेटी को और दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करने लगे। रूमन को मायके से तीन लाख रुपये मंगाने के लिए कहा गया था। इस पर विजय भूषण ने रूमन के ससुराल वालों को दो लाख रुपये दे दिए थे। इसके बावजूद रूमन को प्रताड़ित करना बंद नहीं हुआ। ससुरालियों ने उसे मायके वालों से मिलने तक नहीं दिया। 12 मार्च 2017 को विजय भूषण बेटी के ससुराल मिलने पहुंचे। वह अपने साथ मिठाई और कुछ उपहार लेकर गए थे। ससुरालियों ने मिठाई और उपहार ले लिए और कहा कि जब तक एक लाख रुपये नहीं लेकर आओगे बेटी से मिलने नहीं दिया जाएगा। 6 अप्रैल 2017 को रूमन के ससुराल वालों ने विजय भूषण को फोन कर बताया कि उनकी बेटी की तबियत खराब है। सूचना पाकर विजय अन्य परिजनों के साथ बेटी से मिलने पहुंचे। ससुराल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि बेटी की मौत हो चुकी है। पुलिस के मुताबिक रूमन ने प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। विजय भूषण की शिकायत पर पुलिस ने ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कंचन माही की अदालत ने सबूतों के आधार पर पति रूपेश, देवर पवन, सास आशा और ससुर रविंद्र को दोषी करार देते हुए दस दस साल की कैद और दस दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।