तीसरी आंख की मदद से 600 आपराधिक मामलों का पर्दाफाश
- किसी के जूते और जिंस तो किसी की फुटेज ने कराई पहचान
- शहर में 82 स्थानों पर आईटीएमएस परियोजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
रणजीत मिश्रा
नोएडा। सेफ सिटी परियोजना के तहत शहर के प्रमुख 82 स्थानों पर लगाए गए इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के एचडी कैमरे वाहन चालकों के साथ शातिर अपराधियों पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं। चौराहों पर बीते साल मई और जून लगाए गए कैमरों से मिले सीसीटीवी फुटेज से अब तक 600 से ज्यादा वारदात का खुलासा किया जा चुका है। परियोजना के तहत अब और बेहतर क्षमता और तकनीक वाले कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है। जिससे इसकी मदद से शहर में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
नोएडा प्राधिकरण ने सेफ सिटी परियोजना के तहत शहर के विभिन्न चौराहों पर आधुनिक दृश्यता वाले सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाए गए हैं। इनकी मदद से शहरवासियों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के साथ यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी जाती है। वहीं इन्हीं कैमरों की मदद से आपराधिक वारदात के खुलासे में मदद मिल रही है। अधिकारियों ने बताया कि वारदात के बाद अपराधी जिस रास्ते से फरार होते हैं वहां चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी तस्वीरें कैद हो जाती हैं। बाद में रूट और समय के आधार पर कैमरों के फुटेज खंगालकर अपराधियों को दबोच लिया जाता है। इन कैमरों की मदद से शहर में हत्या, लूट, स्नेचिंग, गुमशुदगी समेत अन्य अपराधों के 600 मामलों का खुलासा किया जा चुका है।
केस स्टडी-एक:
सेक्टर-126 कोतवाली क्षेत्र में 10 मई 2022 को मोबाइल पर सवार दो बदमाशों ने नंबर प्लेट पर मिट्टी डालकर हत्या की वारदात की। आरोपी महामाया फ्लाईओवर होकर चिल्ला बॉर्डर के रास्ते दिल्ली चले गए। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की गहनता से छानबीन की। कैमरे में दिख रहे जूते और जिंस के रंग के आधार पर की गई छानबीन की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
केस स्टडी-दो:
सिलेरियो कार सवार बदमाशों ने सेक्टर-37, बोटेनिकल गार्डन, सिटी सेंटर समेत अन्य स्थानों से कार में लिफ्ट देकर लूटपाट की वारदात की। पीड़ियों की शिकायत पर कार नंबर की पहचान की गई। जांच में नंबर के फर्जी निकलने का खुलासा हुआ। हालांकि पुलिस ने उस नंबर को आईटीएमएस में फीड कर दिया। जिससे कार के सीसीटीवी कैमरे की जद में आते ही कंट्रोल रूम में अलर्ट मिलने लगा। जनवरी में मिले अलर्ट के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर दिया।
केस स्टडी-तीन :
सेक्टर-62 रजत विहार निवासी व्यापारी की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ न कोई सबूत था न कोई गवाह। लेकिन वहां लगे आईटीएमएस कैमरे के फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने वारदात के दस मिनट के अंतराल का वीडियो फुटेज निकाल कर गहनता से छानबीन की। इसी दौरान आरोपी सीसीटीवी फुटेज में बार-बार आते-जाते दिखे। शक होने पर पुलिस ने छानबीन तेज कर दी। 21 अप्रैल को खोड़ा में रहने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश किया गया।
कोट
शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के साथ ही वारदात को सुलझाने में भी मदद मिल रही है। इस परियोजना में और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर बातचीत चल रही है। आईटीएमएस कैमरों के माध्यम से तक करीब 600 वारदात का पर्दाफाश करने में मदद मिली है। - अनिल कुमार यादव, डीसीपी ट्रैफिक नोएडा।