बिजली-पानी के लिए तरस रहे 16 हजार परिवार
सेक्टर-137 स्थित पारस टेरिया ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी
-मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने डेढ़ करोड़ रुपये की वसूली, सुविधााएं कुछ भी नहीं
-इमारतों की हालत भी हो चुकी है जर्जर, अग्निशमन यंत्र भी नहीं करते काम
-बिल्डर पर प्राधिकरण का करोड़ों रुपये बकाया होने से 1100 लोगों की रजिस्ट्री अटक
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-137 स्थित पारस टेरिया ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले 16 हजार परिवार बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस गए हैं। सोसाइटी में इमारतों की हालत भी जर्जर हो चुकी है। अग्निशमन यंत्र भी काम नहीं करते। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। सोसाइटी की एओए पिछले सात साल से हैंडओवर की मांग कर रही है। आरोप है कि बिल्डर उनकी मांग पर ध्यान नहीं दे रहा।
पास टेरिया ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी का प्रोजेक्ट 2010 में लांच हुआ था। 2014 में निवासियों को पजेशन मिलना शुरू हो गया था। सोसाइटी के 26 टावरों में 3974 फ्लैट्स हैं। जहां पर 90 प्रतिशत फ्लैट्स में करीब 16 हजार परिवार रहते हैं। 2015 में निवासियों ने चुनकर एओए का गठन किया। नियमानुसार एओए को हैंडओवर मिल जाना चाहिए था, जो कि नहीं मिला। एओए का आरोप है कि बिल्डर मेंटेनेंस के पूरे पैसे यानी करीब डेढ़ करोड़ रुपये महीना निवासियों से वसूलता है। मेंटेनेंस का 20 से 30 प्रतिशत पैसा ही सोसाइटी के विकास के लिए लगाया जाता है। आरोप है कि सोसाइटी में ना तो पीने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था है और ना ही बिजली की। सोसाइटी की इमारतों की हालत भी जर्जर होने से आए दिन प्लास्टर गिरता रहता है। पिलरों में दरार आ चुकी है। इसकी शिकायत एओए की ओर से प्राधिकरण के अधिकारियों से की गई है। इसके बाद भी बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। बिल्डर का प्राधिकरण पर करोड़ों रूपये बकाया है। इसके कारण 1100 लोगों की रजिस्ट्री अटकी हुई है।
आए दिन लिफ्ट में फंस जाते हैं निवासी
सोसाइटी में लगे लिफ्ट की हालत ऐसी है कि आए दिन कोई न कोई निवासी उसमें फंस जाता है। कई बार लिप्ट न चलने से निवासियों को सीढि़यों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में लोगों की सांस फूल जाती है। निवासियों का कहना है कि कई बार उनके बच्चे और घर के बुजुर्ग फंस चुके हैं। उन्हें निकालने के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ी।
एओए की मांग, बिल्डर जल्द करे हैंडओवर
एओए पदाधिकारियों का कहना है कि बिल्डर जल्द से जल्द सोसाइटी को हैंडओवर करे। ताकि सही तरीके से विकास कार्य कराया जा सके। इसके लिए प्राधिकरण के अधिकारियों से भी मांग की जाएगी। कोई सुनवाई न होने पर निवासियों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और बिल्डर पर दबाव बनाया जाएगा।
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एओए और निवासियों से बातचीत
हैंडओवर ना मिलने से सोसाइटी में विकास नहीं हो पा रहा है। वहीं बिल्डर की ओर से लगातार मनमानी की जा रही है। मेंटेनेंस का पैसा कहा जा रहा है किसी को पता नहीं है। कर्नल रमेश कुमार गौतम एओए अध्यक्ष
निवासी हर माह समय से पहले ही मेंटेनेंस दे रहे हैं। इसके बदले उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। यहां निवासियों की समस्या कोई सुनने वाला भी नहीं है। अनंग पाल चौहान, उपाध्यक्ष
पार्कों की स्थिति बदहाल हो गई है। ऐसे में सोसाइटी के बच्चे खेल भी नहीं पा रहे हैं। इसके अलावा बिजली, पानी की सुविधाएं भी सही तरीके से नहीं मिल पा रही हैं। महावीर पंत
सोसाइटी में लगातार समस्याओं से जूझ रहे हैं। न तो पीने के लिए पर्याप्त पानी मिलता है और न ही बिजली। समस्याओं को लेकर बिल्डर की तरफ से भी कोई सुनवाई नहीं की जाती है। सतीश महाजन
टावरों की हालत जर्जर है। ऐसे में हादसे का डर सताता रहता है। बार-बार खराब होने के कारण लिफ्ट का प्रयोग करने पर भी डर बना रहता है। प्राधिकरण के अधिकारी भी समस्याओं की सुनवाई नहीं करते। सौमेश अग्रवाल