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चरस-गांजे की ऑनलाइन डिलीवरी में खुलासा: छात्रा समेत 4 तस्कर गिरफ्तार, मास्टर माइंड फरार

Tue, 21 Nov 2023 10:47 AM IST
अनुज कुमार जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

ई-कॉमर्स कंपनी की डिलीवरी की आड़ में शिक्षण संस्थान और कंपनियों में गांजा और चरस तस्करी का भंडाफोड़ किया। बीबीए छात्रा समेत 4 तस्करों को ग्रेटर नोएडा जोन की बीटा टू थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया।
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चरस के पैकेट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी के सामान की डिलीवरी की आड़ में शिक्षण संस्थान और कंपनियों में गांजा-चरस तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नॉलेज पार्क के कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई कर चुकी छात्रा वर्षा, उसके फुफेरे भाई बुलंदशहर के डिबाई निवासी बिंटू ठाकुर और पिंटू उर्फ कालू व उनके साथी बलिया के जयप्रकाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑर्गेनिक गांजा बताकर मोटी रकम वसूलते थे। जबकि मास्टर माइंड रिंकू उर्फ सेठ व उसका साथी सदरपुर का विकास अभी फरार है। 

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ग्रेटर नोएडा जोन के एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि पिछले कई दिन से क्षेत्र के शिक्षण संस्थान और कंपनियों में गांजा व चरस की ऑनलाइन डिलीवरी की सूचना मिल रही थी। सोमवार रात बीटा-2 थाना पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान नट की मढ़ैया गोल चक्कर के पास मुखबिर की सूचना पर एक कार और एक बाइक सवार की जांच की गई।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 किलो गांजा, 400 ग्राम चरस और फ्लिपकार्ट कंपनी के 148 लिफाफे, 41 पैकिंग, पॉलिथीन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद की। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह फ्लिपकार्ट के लिफाफे व पॉलिथीन में गांजा और चरस की शिक्षण संस्थान और कंपनियों के कर्मचारियों को आपूर्ति करते हैं। लिफाफे सेक्टर-9 स्थित परचून की दुकान से खरीदे गए थे। आरोपियों ने बताया कि बरामद मादक पदार्थ उन्हें एमिटी यूनिवर्सिटी, बेनेट यूनिवर्सिटी, एचसीएल कंपनी और नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कॉलेज के छात्रों और कर्मचारियों को आपूर्ति करने थे। गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी में जेल जा चुके हैं। 
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चेन सिस्टम से चल रहा तस्करी का धंधा
पुलिस ने बताया कि वर्षा पूर्व में नॉलेज पार्क स्थित कालेज में बीबीए की पढ़ाई कर चुकी थी। उसके भाई चिंटू और बिंटू मास्टर माइंड रिंकू उर्फ सेठ के संपर्क में थे। उन्हें भी जिले में मादक पदार्थ खरीदने वाले कंपनी के कर्मचारी व अन्य ग्राहकों की जानकारी थी। चिंटू और बिंटू ने एक व्हाट्स ग्रुप बनाया हुआ है। व्हाट्सएप कॉल कर ग्राहक आरोपियों से संपर्क करते और वर्षा और जयप्रकाश डिलीवरी का काम संभालते थे। पहले वर्षा और जयप्रकाश वेतन पर काम करते थे, बाद में वह साझेदार बन गए।

शिलांग से मंगाते थे गांजा 
पुलिस ने बताया कि आरोपी शिलांग से 40 हजार रुपये प्रति किलो में गांजा मंगाते हैं। आरोपी गांजे को आर्गेनिक बताकर सवा से डेढ़ लाख रुपये की कीमत में दस, बीस और पचास ग्राम की पुड़िया बनाकर बेचते हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल की जांच कर गांजा खरीदारों व नशे के सौदागरों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि रिंकू उर्फ सेठ व विकास की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।

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