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Greater Noida: कुवैत एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर 45 लोगों से लाखों ठगे, आरोपियों की तलाश में पुलिस

Mon, 18 Jul 2022 04:31 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

आरोपियों ने सभी को फर्जी वीजा भेजे और रुपये खातों में ट्रांसफर करा लिए। एक पीड़ित को जब फर्जी वीजा की जानकारी हुई तो कई पीड़ित आपस में संपर्क कर अप्रैल में शाहबेरी में पहुंच गए, लेकिन आरोपी फरार हो चुके थे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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शाहबेरी में दफ्तर खोलकर ठगों ने कुवैत एयरपोर्ट पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 45 लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लिए। ऑनलाइन विज्ञापन के जरिये वारदात अंजाम दी गई। आरोपियों ने वाराणसी, अमेठी, बाराबंकी, आजमगढ़, सहारनपुर आदि जिलों के लोगों को व्हाट्सएप पर फर्जी वीजा भेजकर 45 हजार से 65 हजार रुपये ठग लिए। जब एक पीड़ित ने वीजा की जांच कराई तो वह नकली निकला। इसके बाद सभी पीड़ित एकत्रित होकर शाहबेरी पहुंचे तो दफ्तर बंद था। पीड़ितों की शिकायत पर साजिद, अब्दुल परवेज और इसरत अली के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

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अमेठी निवासी आशीष, वाराणसी निवासी अरशद और बाराबंकी निवासी सलमान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने कुवैत में हेल्पर, सुपरवाइजर व चालक की नौकरी लगवाने का ऑनलाइन विज्ञापन देखा था। उन्होंने दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो आरोपियों ने विभिन्न पदों पर कुवैत एयरपोर्ट में नौकरी व वीजा दिलाने के एवज में रुपये मांगे। इसके बाद कई लोगों ने आरोपियों से संपर्क किया और खुद तो फंसे ही परिचितों का भी आरोपियों से संपर्क करा दिया।

आरोपियों ने सभी को फर्जी वीजा भेजे और रुपये खातों में ट्रांसफर करा लिए। एक पीड़ित को जब फर्जी वीजा की जानकारी हुई तो कई पीड़ित आपस में संपर्क कर अप्रैल में शाहबेरी में पहुंच गए, लेकिन आरोपी फरार हो चुके थे। इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई। इस संबंध में डीसीपी सेंट्रल जोन हरीश चंदर ने बताया कि पीड़ितों ने फर्जी वीजा बनाकर कुवैत में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगा गया है। जांच के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।

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विदेश में रहता है मकान मालिक
पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने शाहबेरी के बालाजी एन्क्लेव स्थित एक मकान में दफ्तर खोला था। वहीं, पुलिस ने बताया कि मकान मालिक विदेश में रहता है। मालकिन के पास आरोपियों का सही पता नहीं है। आरोपियों का पुलिस से सत्यापन भी नहीं कराया गया था।

मेडिकल के नाम पर भी लिए पैसे
पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने विदेश भेजने से पहले सभी के पासपोर्ट जमा करा लिए थे। आरोपियों ने कहा कि वह घर बैठे ही पांच हजार में मेडिकल परीक्षण और दो हजार में पुलिस से सत्यापन करा देंगे। इसके बाद कई पीड़ितों ने आरोपियों को रुपये दे दिए। वहीं, कुछ लोगों ने जब पासपोर्ट मांगे तो आरोपियों ने इसके भी दो हजार रुपये वसूले।
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