बाइक बोट फर्जीवाड़ा ...जयपुर में पांच साल से खड़ी 26 ई-बाइक अब तक नहीं की जब्त
- पहला केस दर्ज कराने वाले सुनील मीणा ने सुनवाई नहीं होने पर डीजीपी को लिखा पत्र
- आरोपी करणपाल ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर बाइक हड़पने का लगाया आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अरबों रुपये का बहुचर्चित बाइक बोट फर्जीवाड़े का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। कई एजेंसियां इसकी जांच कर चुकी हैं। इसके बावजूद जयपुर में खड़ी फर्जीवाड़े से संबंधित 26 ई-बाइक ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) ने जब्त नहीं की है। जबकि आरोपियों पर पहला केस दर्ज कराने वाले जयपुर के सुनील मीणा जांच एजेंसी से इन बाइकों को जब्त करने की मांग कर चुके हैं। वहीं, फर्जीवाड़े के आरोपी करणपाल ने सुनील मीणा पर ही इन बाइकों को हड़पने समेत संगीन आरोप लगाकर पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर को पत्र लिखा है। इसकी जांच दादरी पुलिस ने शुरू की है।
पांच साल पहले दादरी के कोट गांव में मुख्य दफ्तर बनाकर बाइक बोट फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। आरोपी उबर व रैपिडो की तर्ज पर देश में बाइक चलाने का झांसा देते थे। आरोपी एक बाइक के लगभग 62 हजार रुपये जमा कराकर एक साल में प्रतिमाह लगभग दस हजार रुपये की किश्त देकर धन दोगुना करने का झांसा देते थे। आरोपियों ने फर्जीवाड़े के पार्ट टू में ई बाइक चलाने का झांसा दिया था। जयपुर निवासी सुनील मीणा ने आरोपियों के पास लगभग 34 लाख रुपये निवेश किया। सुनील मीणा का कहना है कि आरोपियों ने उनके पास 26 ई बाइक भी भेजी थी। जिन्हें खड़ा करने के लिए किराया देने का भी वादा कर अनुबंध किया गया। जब आरोपियों ने निवेशकों को किश्त देनी बंद कर दी तब सुनील मीणा ने तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। सुनील मीणा के शिकायत देने पर आरोपियों ने उनके 34 लाख रुपये लौटाकर शिकायत वापस लेने के लिए कहा था। लेकिन सुनील मीणा ने अन्य लोगों की रकम फंसे होने के कारण आरोपियों पर केस दर्ज करवा दिया। अब, फर्जीवाड़े के आरोपी करणपाल ने सुनील मीणा पर न केवल बाइक हड़पने बल्कि अवैध धन मांगने का भी आरोप लगाया है।
दबाव बनाने की साजिश
इस संबंध में जयपुर निवासी सुनील मीणा ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर का केस दर्ज है। ईडी, ईओडब्ल्यू और गौतमबुद्ध नगर पुलिस आरोपियों की संपत्ति जब्त कर रही है। इसके बावजूद उनके पास खड़ी बाइक जब्त नहीं की गईं हैं। इन्हें खड़े करने का किराया देकर वह परेशान हो चुके हैं। ईओडब्ल्यू मेरठ इस केस की जांच कर रही है। पूर्व में जांच अधिकारियों से वह बाइक जब्त करने की मांग कर चुके हैं। एक माह पहले डीजपी ईओडब्ल्यू को भी पत्र लिखा जा चुका है। करणपाल की शिकायत के संबंध में सुनील का कहना है कि आरोपी केस में गवाही देने आदि से रोकने के लिए दबाव बनाने की साजिश रच रहे हैं।