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Noida News: 4 साल बाद मिली 23 नई बसें पर 24 होंगी बेड़े से बाहर

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चार साल बाद मिली 23 नई बसें, पुरानी 24 होंगी बेड़े से बाहर

- ग्रेटर नोएडा डिपो में 24 बसों की पूरी हो चुकी है उम्र, एक साल में 57 बसें हटेंगी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा डिपो को चार साल बाद 23 नई बसें मिली हैं। वहीं 24 पुरानी बसें जल्द ही बेड़े से बाहर कर दी जाएंगी। साफ है डिपो में जल्द ही बसों की कमी हो जाएगी। यही नहीं करीब एक साल बाद 33 और पुरानी बसें बेड़े से बाहर हो जाएंगी। जिसके बाद यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि रोडवेज अफसरों का कहना है कि पुरानी बसों को हटाने से पहले नई बसों की मांग की जाएगी।

ग्रेटर नोएडा डिपो में 135 बसें हैं। जो 20 रूटों पर दौड़ती हैं। बसों की कमी के कारण पिछले कई वर्षों से नए रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। अब चार वर्ष बाद ग्रेनो डिपो को 23 नई बसें मिली है। नई बसों के आने से डिपो में बसों की संख्या 158 हो जाएगी। लोगों को उम्मीद है कि अब शहर में सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था अच्छी हो जाएगी। ग्रेनो वेस्ट में भी बसों का संचालन शुरू होगा, लेकिन पुरानी बसों को हटाने के कारण लोगों की उम्मीद पूरी नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि चार एसी बसों को हटाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया है। एक सप्ताह के अंदर 20 और बसों को भी हटाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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शहर की जगह लंबी दूरी पर चलेंगी बसें
डिपो को नई बसें मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट के लोगों को शहर में सार्वजनिक यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद जगी है, लेकिन यूपी रोडवेज इन बसों का संचालन सिटी बस सेवा के रूप में नहीं करेगा। अफसरों का कहना है कि बसों को लंबी दूरी के रूटों पर चलेंगी। आगरा, बुलंदशहर रूट पर संख्या बढ़ाने के साथ-साथ आनंद विहार से चंदौली, सहारनपुर रूटों पर संचालन किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा और नोएडा के बीच अतिरिक्त बसों को नहीं उतारा जाएगा। ग्रेनो डिपो को वर्ष 2018-19 में 78 नई बसें मिली थी। जिसके बाद डिपो में बसों की संख्या 162 पहुंच गई थी, लेकिन इस बीच दो बार में 10 और 17 पुरानी बसें हटा दी गईं।
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नोएडा रीजन से 100 बसों की मांग मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। फिलहाल 60 बसें मिल रही हैं। इनमें से 23 बसें ग्रेनो डिपो को मिली हैं। पुरानी बसों को बेड़े से हटाने का प्रस्ताव भी मुख्यालय को भेजा जाता है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही बसों को हटाया जाएगा। एक साल के अंदर डिपो की 57 बसों की उम्र पूरी हो जाएगी।- ललित श्रीवास्तव, एआरएम, ग्रेटर नोएडा डिपो
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