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बैंगन की खेती से किसानों को मिल रहा अच्छा मुनाफा

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बैंगन की खेती से किसानों को मिल रहा है अच्छा मुनाफा
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फिरोजपुर झिरका। प्याज के गिरते भाव से परेशान किसानों के लिए बैंगन की खेती वरदान साबित हो रही है। इससे किसानों को अच्छा-खासा मुनाफा मिल रहा है। बैंगन की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि यदि सरकारी विभाग सब्जी उगाने वाले किसानों को समय पर बीज के चयन, खेती की तैयारी और सब्जी की बीमारियों की रोकथाम में सहयोग करे तो सब्जी उगाने वाले किसानों की आर्थिक काफी हद तक सुधार हो सकता है। फिरोजपुर झिरका खंड के धाडोली, हसनपुर बिलोंडा, एगोन, बदोपुर, पाठ खोयरी, भोंड, पथराली, रावली, नावली गांवों में जहां का पानी मीठा या कृषि योग्य है। इन गांवों में गेहूं, सरसों, बाजरा आदि को छोड़कर प्याज के अलावा हरी सब्जी बैंगन, गाजर, मूली, तूमड़ा की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इन गांवों के किसानों ने पहले हजारों एकड़ भूमि में प्याज बोई थी लेकिन प्याज का भाव अच्छा नहीं होने के कारण किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन किसानों ने इस बार बैंगन की खेती की। बैंगन दिल्ली की मंडी में 25 रुपये से 18 रुपये प्रति किलो के भाव से मिल रही है। इससे किसानों को काफी मुनाफा हो रहा है। धाडोली गांव के किसान हाजी इस्माइल, न्यामत, तय्यब हुसैन ने बताया कि एक एकड़ बैंगन की फसल उगाने में नाम मात्र का खर्च आता है। सिर्फ पानी का खर्च ज्यादा है। उसके बाद भी एक एकड़ बैंगन की खेती से लगभग 5 लाख रुपये की आमदनी हो चुकी है, जो किसी भी फसल की आमदनी से कहीं ज्यादा है। किसानों ने बताया कि सरकार की ओर से जिले में सब्जी बेचने के लिए मंडी नहीं होने के कारण किराया खर्च कर दिल्ली ले जाकर बैंगन बेची जा रही है, जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी विभाग सब्जी उगाने वाले किसानों को बीज चयन व बीमारियों सहित खेती की तैयारी के संबंध में सहयोग करे तो सब्जी उगाने वाले किसानों को काफी फायदा होगा। इस संबंध में जिला बागवानी उप अधिकारी डॉ. खलील अहमद ने कहा कि विभाग के निर्देश अनुसार समय-समय पर सब्जी उत्पादक किसानों को विभाग की ओर से सहायता की जाती है।
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