दो फर्मों से 2.75 करोड़ का जुर्माना वसूला
- फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने दो फर्मों के लेनदेन में अनियमितता पर 2.75 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इसमें एक फर्म ने ऐसी कंपनी से खरीदारी दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया जिसका पंजीयन निरस्त हो चुका था। यह फर्म वाटरपार्क, बागवानी और सुरक्षा एजेंसियों के कामकाज से जुड़ी हुई है। वहीं दूसरे मामले में रियल इस्टेट सेक्टर कंपनी के गलत तरीके से आईटीसी का लाभ ले लिया है। दोनों फर्मों ने जुर्माने की राशि जमा करा दी है।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग के प्रभारी अपर आयुक्त राजाराम गुप्ता ने बताया कि विशेष अनुसंधान शाखा व राज्य कर संभाग की ओर से जिले में पंजीकृत इंटरटेनमेंट सिटी लिमिटेड की एक व दो जून को जांच की गई, जिसमें अनियमितता और त्रुटि मिली। यह कंपनी मल्टीप्लेक्स, वाटर पार्क एंड एंटरटेनमेंट, सेवा प्रदाताओं को बागवानी, सिक्योरिटी, पार्किंग सेवाएं प्रदान करती है। पोर्टल पर आइटी टूल्स के माध्यम से जांच की गई तो पाया गया कि व्यापारी द्वारा उन फर्मों से खरीदारी की गई जिनका पंजीयन पूर्व में ही निरस्त हो चुका है। इस प्रकार जांच में करीब 65 लाख से अधिक की आईटीसी लेनदेन फर्जी तरीके से की गई है। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद विभाग ने 74.85 लाख रुपये का अर्थदंड मौके पर जमा कराया है।
वहीं दूसरे मामले में बुलमैन रियल्टी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की जांच में गलत तरीके से जीएसटी का इनपुट क्रेडिट का लाभ लेने की बात सामने आई। फर्म दूसरी बोगस फर्म से खरीदारी दिखाकर इनपुट क्रेडिट का लाभ ले रही थी। चोरी पकड़े जाने पर व्यापारी से 2.01 करोड़ का जुर्माना जमा कराया गया। जांच में संयुक्त आयुक्त विवेक आर्य, योगेश कुमार विजय, उपायुक्त अन्जेश कुमार बरनवाल, आशीष शुक्ल, सहायक आयुक्त संतोष सिंह, कावेरी सिंह, संदीप कुमार, राज्य कर अधिकारी प्रदीप कुमार, विनोद मिश्रा, प्रतीक गुप्ता, राहुल त्रिपाठी शामिल थे।